मुख्यमंत्री की जी-हज़ूरी करके राजेंद्र राणा आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष तो बन गए, लेकिन अपना दायित्व उन्होंने किस तरह से निभाया है इससे जनता अच्छी तरह वाकिफ़ है। धर्मपुर बाढ़ की स्थिति में लोगों ने मौके पर राणा को कार्यकर्ता की पीठ पर लदकर जाते हुए देखा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपना दायित्व कितने अच्छे से निभाया और लोगों से कितने जुड़े हुए हैं। यह बात सुजानपुर बीजेपी मंडल अध्यक्ष रणजीत ठाकुर, महामंत्री पवन शर्मा और अनिल चंदेल ने कही।
नेताओं ने पूछा है कि राणा ने जिस पार्टी का भार कंधों पर उठाया है क्या उस पार्टी के लोगों में राणा का जनाधार है? इन बीजेपी नेताओं ने कहा कि अब विधानसभा चुनाव नजदीक आ गए हैं, जिससे लोगों में राजेंद्र राणा की घबराहट बढ़ गई है। क्योंकि, राणा जानते हैं कि सुजानपुर की जनता के सामने वह बेनकाब हो चुके हैं और इस बार जनता उनको चुनावों में सबक सिखाने वाली है। उन्होंने कहा कि राणा बीजेपी की जिस रथयात्रा पर निशाना साध रहे हैं, वही रथयात्रा राणा का काला चिट्ठा सुजानपुर विधानसभा के हर घर तक पहुंचा रही है।



