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पड़ोसी देशों में प्रताड़ना झेल रहे अल्पसंख्यकों के लिए नागरिक संशोधन विधेयक उम्मीद की किरण: अनुराग

पी.चंद |

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने नागरिक संशोधन बिल 2019 के लोकसभा में पास होने पर हर्ष जताते हुए इसे पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों के हित में मोदी सरकार द्वारा उठाया गया बड़ा क़दम बताया है। इस संशोधन बिल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का आभार प्रकट किया है। अनुराग ठाकुर ने  कहा ”यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आधुनिक लौहपुरुष गृहमंत्री अमित शाह के अटल इरादों से पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों के माथे से चिंता की लकीरें मिट रही हैं।

उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में नागरिक संशोधन विधेयक 2019 के पारित होने से पिछले कई वर्षों से पड़ोसी देशों में धार्मिक प्रताड़ना का दंश झेल रहे अल्पसंख्यक समुदाय के लिए नागरिक संशोधन विधेयक 2019 एक उम्मीद की किरण जगी है। आज़ादी के बाद हुए नेहरू-लियाक़त समझौते की गलती को सुधार कर मोदी सरकार द्वारा पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को यहां नागरिकता देने का यह प्रशंसनीय प्रयास है। इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह का हार्दिक आभार प्रकट करता हूँ”

अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ हुए सभी समझौतों का पालन करने वाला एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है। मगर हमारे पड़ोसी देशों ने सदैव भारत को धोखे में रख कर छलने का काम किया है। 1947 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 23% थी जो 2011 में घटकर 3.7 % हो गई, 1947 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में अल्पसंख्यकों की आबादी 22% थी जो 2011 में मात्र 7.8% रह गई। लाखों-करोड़ों शरणार्थी यातनाएं झेल रहे हैं। उन्हें सुविधाएं नहीं मिली, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, नौकरी नहीं मिली, उन लोगों को यातनाओं से मुक्ति के लिए मोदी सरकार यह बिल लेकर आई है। देश की आजादी के बाद अगर कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का विभाजन न किया होता,तो आज नागरिकता संशोधन बिल लाने की जरूरत नहीं पड़ती”।