➤ हिमाचल के 32 शिक्षकों को स्टेट टीचर अवॉर्ड से नवाजा गया
➤ शिमला में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने किया सम्मान, सोलन के शिशु पाल को राष्ट्रपति से नेशनल अवॉर्ड
➤ पहली बार कॉलेज और तकनीकी शिक्षकों को भी मिला राज्य स्तरीय सम्मान
हिमाचल प्रदेश में आज शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षा जगत के लिए यादगार पल रहा। राजधानी शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रदेश के 32 शिक्षकों को स्टेट टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया। इस सूची में 26 स्कूल शिक्षक और 6 कॉलेज शिक्षक शामिल हैं।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि वे इस समय प्रदेश की आपदा को देखते हुए स्वयं कोई सम्मान ग्रहण नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में उनकी उपस्थिति केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने और उनके कार्यों की सराहना करने के लिए है।

इसी कड़ी में सोलन जिले के शमरोर स्कूल के जेबीटी शिक्षक शिशु पाल को आज दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा नेशनल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वहीं, वर्ष 2024 के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुनील कुमार को भी शिमला में राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सामान्य श्रेणी में कांगड़ा, शिमला और मंडी जिले के 6 शिक्षकों को पुरस्कार मिला।
ट्राइबल क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले 7 शिक्षकों को भी विशेष मान्यता दी गई।
विशेष पुरस्कार की श्रेणी में शिमला, सिरमौर, कांगड़ा और किन्नौर के 6 शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस बार एक बड़ा बदलाव यह भी रहा कि राज्य सरकार ने पहली बार कॉलेज शिक्षकों को भी स्टेट टीचर अवॉर्ड देने का फैसला लिया। हमीरपुर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रमोद कुमार पटियाल को प्रिंसिपल श्रेणी में, जबकि बिलासपुर, नाहन, संजौली, धर्मशाला और ठियोग कॉलेज के प्रोफेसरों को यह सम्मान मिला।

इतना ही नहीं, पहली बार तकनीकी शिक्षकों को भी यह पुरस्कार प्रदान किया गया। इसमें सुंदरनगर इंजीनियरिंग कॉलेज, हमीरपुर पॉलिटेक्निक, मंडी ITI और प्रगतिनगर इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षकों को राज्यपाल ने सम्मानित किया।
शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में 17,330 स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिनमें 14.25 लाख छात्र और 1.02 लाख शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं।
आज का यह कार्यक्रम केवल सम्मान नहीं था, बल्कि उन शिक्षकों की निष्ठा और परिश्रम की सार्वजनिक सराहना थी, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देने का काम जारी रखा है।



