➤ अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती पर शिमला में नेताओं ने अर्पित की पुष्पांजलि
➤ राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नेता विपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अटल के योगदान को किया याद
➤ सुशासन, लोकतंत्र और हिमाचल के विकास में अटल की भूमिका को बताया प्रेरणास्रोत
देश आज पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती मना रहा है। इस अवसर पर शिमला के रिज मैदान स्थित अटल की प्रतिमा पर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल सहित अनेक गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर देश के प्रति उनके योगदान को नमन किया।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई ने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी भारत की विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि अटल पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए सम्मान के प्रतीक थे। उनका सामाजिक और राजनीतिक जीवन प्रेरणादायी रहा। अटल से यह सीख मिलती है कि राजनीति प्रतिस्पर्धा की हो सकती है, लेकिन दुश्मनी की नहीं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई प्रखर व्यक्तित्व के धनी नेता थे। वे एक आदर्शवादी राजनेता होने के साथ-साथ कवि के रूप में भी जाने जाते हैं। लोकतंत्र को मजबूत करने में उनका योगदान अतुलनीय है, जिसे देश को सदैव याद रखना चाहिए।
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई का हिमाचल प्रदेश से गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने पर्वतीय राज्यों की जरूरतों को समझते हुए नीतियां बनाईं, जिनका लाभ आज भी प्रदेश को मिल रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अटल की दूरदर्शी सोच की ऐतिहासिक मिसाल है, जिससे दूर-दराज के गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़े और जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि अटल का संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित रहा। उनके विचार आज भी भाजपा के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में युवाओं को औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार अटल की औद्योगिक पैकेज नीति के कारण संभव हो पाया, जिसके लिए प्रदेश उनका सदैव आभारी रहेगा।



