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बाबा भूतनाथ मंदिर में 27 जनवरी को तारा रात्रि से मक्खन रूपी घृत मंडल चढ़ाने की परंपरा शुरू होगी।
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शिवरात्रि महोत्सव के दौरान मंदिर में भिन्न-भिन्न स्वरूपों का श्रृंगार किया जाएगा।
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25 फरवरी को मक्खन उतारा जाएगा और 26 फरवरी को शिवरात्रि मनाई जाएगी।
मंडी। बाबा भूतनाथ मंदिर में 27 जनवरी की तारा रात्रि से अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के कारज शुरू होंगे। मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि तारा रात्रि के अवसर पर मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर मक्खन रूपी घृत कंबल चढ़ाया जाएगा। इसके लिए गाय के दूध से तैयार शुद्ध मक्खन का उपयोग किया जाएगा।
महंत ने जानकारी दी कि इस परंपरा के अंतर्गत प्रतिदिन मक्खन पर विश्व के प्रसिद्ध शिवलिंगों और देवी-देवताओं के स्वरूपों का श्रृंगार किया जाएगा। यह विशेष श्रृंगार एक महीने तक भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। 25 फरवरी को सुबह मक्खन को उतारने के बाद भक्तजनों को बाबा भूतनाथ अपने मूल स्वरूप में दर्शन देंगे। शिवरात्रि पर्व के दौरान मंडी की छोटी काशी में विभिन्न देवता बाबा भूतनाथ परिसर में सात दिनों तक विराजमान रहेंगे। 26 फरवरी को शिवरात्रि के मुख्य दिवस पर भक्तों का सैलाब उमड़ेगा।



