➤ भाजपा ने अनुशासनहीनता पर छह कार्यकर्ताओं की सदस्यता निलंबित की
➤ अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वालों पर हुई कार्रवाई
➤ धर्मशाला और नाहन से जुड़े नेताओं पर पार्टी ने दिखाया सख्त रुख
हिमाचल प्रदेश भाजपा ने पंचायतीराज एवं नगर निकाय चुनावों के बीच अनुशासनहीनता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने वाले कार्यकर्ताओं पर भाजपा ने सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पार्टी की अनुशासन समिति ने जिला और मंडल स्तर से प्राप्त शिकायतों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। समिति ने अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने को गंभीर अनुशासनहीनता माना और कार्रवाई की सिफारिश की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने अनुशासन समिति की अनुशंसा के आधार पर नगर निगम धर्मशाला और नगर परिषद नाहन से जुड़े छह कार्यकर्ताओं के खिलाफ पार्टी संविधान के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता निलंबित करने के आदेश जारी किए।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार नगर निगम धर्मशाला के वार्ड नंबर 2 से पूर्व मेयर ओंकार नेहरिया, वार्ड नंबर 6 से पूर्व डिप्टी मेयर तेजेंद्र कौर, वार्ड नंबर 8 से धर्मशाला शहरी मंडल की मंडल सचिव सरोज गुलेरिया, वार्ड नंबर 14 से बूथ अध्यक्ष मितुल शुक्ला तथा वार्ड नंबर 1 से महिला मोर्चा मंडल सचिव हिमांशी अग्रवाल के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा नगर परिषद नाहन के वार्ड नंबर 3 से लीला सैनी की प्राथमिक सदस्यता भी निलंबित कर दी गई है।
भाजपा ने स्पष्ट किया है कि पार्टी संगठन और अनुशासन सर्वोपरि है तथा अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ काम करना किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित संगठन है और संगठनात्मक मर्यादा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने सभी कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक निर्णयों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। साथ ही आगामी पंचायतीराज और नगर निकाय चुनावों में पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया गया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच भाजपा का यह कदम पार्टी संगठन में अनुशासन बनाए रखने और अंदरूनी बगावत को रोकने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।



