-
दिवंगत भाजपा नेता किशन कपूर की पार्थिव देह को शनिवार देर शाम धर्मशाला लाया गया
-
अंतिम दर्शन के लिए रविवार को उनके पैतृक गांव खनियारा में शव रखा गया
-
मांझी खड्ड श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया
Kishan Kapoor Last Rites: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद दिवंगत किशन कपूर का अंतिम संस्कार मांझी खड्ड श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया। किशन कपूर के पुत्र शाश्वत कपूर ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
किश्न कपूर का निधन शनिवार देर शाम हुआ। उनकी पार्थिव देह धर्मशाला उनके निवास स्थान दाडनू लाई गई और रविवार को गांव खनियारा में उनके पैतृक गांव के बाहर पटोला मैदान में अंतिम दर्शन के लिए रखी गई। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार मांझी खड्ड श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया। किशन कपूर ने धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक, राज्य सरकार में तीन बार मंत्री और कांगड़ा चंबा लोकसभा क्षेत्र से एक बार सांसद रहे। 2019 से 2024 तक वह सांसद रहे।
किशन कपूर के अंतिम संस्कार में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल, भाजपा महामंत्री त्रिलोक कपूर, हमीरपुर से पूर्व सांसद सुरेश चंदेल, पूर्व मंत्री रमेश धवाला, पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि, विधायक पवन काजल, विधायक सुधीर शर्मा, विधायक जनक राज, विधायक रणवीर सिंह निक्का, पूर्व विधायक रीता धीमान, धर्मशाला नगर निगम की मेयर नीनू शर्मा, पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी सहित अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
किशन कपूर के निधन पर फूट फूट कर रोने लगे रमेश ध्वाला

………..धर्मशाला में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद किशन कपूर के निधन पर रमेश धवाला अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और रो पड़े। उन्होंने कहा कि किश्न कपूर, स्वर्गीय हरिनारायण सिंह सैणी हम तीनों घनिष्ठ मित्र थे। दो चले गए अब मैं अकेला रह गया। कहा कि रोज फोन करके किश्न कपूर का हालचाल पूछते थे, लेकिन जब ब्रेन स्ट्रोक के कारण किशन कपूर बोलने में असमर्थ हो गए, तो उनका दिल टूट गया। रमेश धवाला ने कहा कि वह कपूर से मिलने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में वापस लौट आए। इससे पहले भी वह मिलने गए थे तो उन्होंने डॉक्टर से पूछा तो डॉक्टर ने कहा कि अब बचने की संभावना बहुत कम है। अब उनके निधन की खबर सुनकर वह पूरी तरह से टूट गए।



