Follow Us:

हिमाचल में जमीन खरीदना हुआ महंगा! स्टांप ड्यूटी 6% से बढ़कर 12% हुई

हिमाचल में जमीन खरीदना हुआ महंगा: स्टांप ड्यूटी दोगुनी, अब 12% देना होगा

विधानसभा में पेश हुआ संशोधन विधेयक, बाहरी लोगों पर पड़ेगा सीधा असर

GST अधिनियम में बदलाव, एक राष्ट्र-एक कर नीति को मजबूती देने की तैयारी


Himachal Land Law: हिमाचल प्रदेश में अब जमीन की खरीदारी पहले से ज्यादा महंगी हो जाएगी। राज्य सरकार ने भू-सुधार एवं मुजारियम अधिनियम की धारा-118 के तहत जमीन की रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी को दोगुना करने का फैसला लिया है। बुधवार को विधानसभा में हिमाचल प्रदेश स्टांप (संशोधन) विधेयक-2025 पेश किया गया, जिसे राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रस्तुत किया।

इस विधेयक के अनुसार, प्रदेश के बाहर के लोगों को अब 6% के बजाय 12% स्टांप शुल्क देना होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम हिमाचल के स्थानीय निवासियों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है

धारा-118 और इसका प्रभाव

➡️ भू-राजस्व अधिनियम 1972 की धारा-118 के तहत गैर-कृषकों को कृषि भूमि खरीदने पर रोक है
➡️ अन्य राज्यों के लोग और संस्थान केवल निजी उपयोग के लिए कृषि भूमि खरीद सकते हैं
➡️ अब बाहरी खरीदारों को पहले से दोगुनी स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी, जिससे बाहरी निवेश पर असर पड़ेगा।

GST अधिनियम में बदलाव:

इसके अलावा, हिमाचल सरकार ने GST अधिनियम 2017 में संशोधन करने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में संशोधित विधेयक प्रस्तुत किया। इस बदलाव का उद्देश्य राष्ट्रीय कर प्रणाली के साथ राज्य के जीएसटी ढांचे को एकरूप बनाना है

GST संशोधन के प्रमुख बिंदु:

एक राष्ट्र, एक कर नीति को मजबूती मिलेगी।
अंतर-राज्य व्यापार और कराधान प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा
GST नियमों को केंद्रीय कर ढांचे के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे व्यापारियों और उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
स्पष्टता बढ़ेगी और व्यापार करने में आसानी होगी

सरकार को उम्मीद है कि इन बदलावों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय व्यापार को नई दिशा मिलेगी