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रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बढ़ाने को लेकर सीएम सुक्खू फ‍िर पहुंचे दिल्ली

➤ सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली दौरे पर
➤ 16वें वित्त आयोग से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बढ़ाने की मांग
➤ कांग्रेस संगठन को लेकर हाईकमान से भी मुलाकात संभव


हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू बीती शाम दिल्ली पहुंच गए हैं। उनका यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि दो दिनों तक वह न केवल 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया से मुलाकात करेंगे, बल्कि कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री का मुख्य एजेंडा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर केंद्र सरकार और वित्त आयोग को हिमाचल की परिस्थितियों से अवगत कराना है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि 15वें वित्त आयोग के दौरान हिमाचल की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट में कटौती कर दी गई थी, जिससे प्रदेश को पिछले पांच सालों तक गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा। अब अप्रैल 2026 से 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होनी हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री सुक्खू तीसरी बार वित्त आयोग अध्यक्ष से मुलाकात कर यह मुद्दा मजबूती से उठाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों की चुनौतियां अलग हैं और यहां पर इंफ्रॉस्ट्रक्चर बनाने की लागत अधिक आती है। इसलिए रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को बढ़ाना बेहद जरूरी है।

दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। खासकर वे केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री से मुलाकात करेंगे ताकि प्रदेश में आपदा से भूमिहीन हुए लोगों को घर बनाने के लिए एक बीघा जमीन देने का रास्ता निकाला जा सके।

मुख्यमंत्री सुक्खू का यह दौरा केवल प्रशासनिक और आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं है। कांग्रेस के संगठनात्मक मसलों को लेकर भी उनके दिल्ली प्रवास को अहम माना जा रहा है। चर्चा है कि वह पार्टी हाईकमान से मुलाकात कर प्रदेश में पिछले करीब 10 महीने से लंबित संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी निर्णय चाहते हैं। दरअसल, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य, जिला और ब्लॉक कांग्रेस कार्यकारिणी को भंग कर रखा है, जिससे कांग्रेस संगठनात्मक रूप से अधर में लटका हुआ है।

मुख्यमंत्री सुक्खू 12 सितंबर को कांगड़ा लौटेंगे और टांडा मेडिकल कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उनका यह दिल्ली दौरा हिमाचल की आर्थिक मजबूती और कांग्रेस संगठन, दोनों ही दृष्टियों से बेहद अहम साबित हो सकता है।