➤ आईफोन और शौक पूरे करने के लिए नाबालिग बेटे ने मां के गहने चुराए
➤ करीब 3 लाख रुपये का गोल्ड लोन लेकर मामला सामने आया
➤ हमीरपुर पुलिस ने 31.77 ग्राम सोना बरामद कर जांच तेज की
नादौन (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आईफोन खरीदने और अन्य शौक पूरे करने की चाहत में एक नाबालिग बेटे ने अपनी ही मां के गहने चोरी कर लिए। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि चोरी किए गए सोने के गहनों को निजी फाइनांस कंपनी में गिरवी रखकर करीब तीन लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया गया था। इस घटना ने पूरे इलाके में लोगों को हैरान कर दिया है।
मामला पुलिस थाना नादौन के तहत आने वाले गगाल क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार 3 अप्रैल को गगाल निवासी मुकेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी पत्नी के सोने के गहने घर की अलमारी से चोरी हो गए हैं। शिकायत में उन्होंने अपने बेटे पर शक जताया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की।
जांच के दौरान सामने आया कि शिकायतकर्ता का बेटा नाबालिग है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने घर से सोने के गहने चुराकर उन्हें कृष कौंडल निवासी गांव कुठार को दे दिया था। इसके बाद कृष कौंडल ने अपनी बहन निशा कुमारी निवासी टिल्लू के साथ मिलकर इन गहनों को नादौन की एक निजी फाइनांस कंपनी की शाखा में गिरवी रख दिया और इसके बदले करीब 3 लाख रुपये का गोल्ड लोन ले लिया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरवी रखे गए गहनों को बरामद कर लिया है। बरामद सोने के गहनों का कुल वजन लगभग 31.77 ग्राम बताया गया है। गहनों की पहचान शिकायतकर्ता की पत्नी ने कर ली है। पुलिस अब इस पूरे मामले में शामिल तीनों लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी और लोन लेने की योजना कैसे बनाई गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कृष कौंडल डीजे बजाने का काम करता है। एक शादी समारोह में नाबालिग लड़के की उससे मुलाकात हुई थी। इसी मुलाकात के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर आईफोन व अन्य महंगे शौक पूरे करने के लिए गहने चोरी करने की योजना बनाई गई।
एसपी हमीरपुर बलवीर सिंह ने बताया कि चोरी किए गए गहने बरामद कर लिए गए हैं और मामले की गहनता से जांच जारी है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इसमें किसी और व्यक्ति की भी भूमिका रही है।
यह मामला एक बार फिर समाज में बढ़ती गैजेट्स और लग्जरी वस्तुओं की चाहत के बीच युवाओं पर पड़ रहे मानसिक और सामाजिक दबाव को भी उजागर करता है।



