➤ हिमाचल में 64 नई पंचायतों के गठन के बाद कुल संख्या 3,773 हुई
➤ उपायुक्तों को वार्ड पुनर्सीमांकन के लिए 3 दिन का समय, 25 मार्च तक रोस्टर जारी होगा
➤ नई पंचायतों के बाद पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज, 31 मार्च तक दस्तावेज निर्वाचन आयोग को सौंपे जाएंगे
हिमाचल प्रदेश में पंचायत व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। प्रदेश सरकार ने 64 नई पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही राज्य में पंचायतों की कुल संख्या बढ़कर 3,773 हो गई है। इससे पहले प्रदेश में 3,577 पंचायतें थीं। सरकार द्वारा पंचायतों के पुनर्गठन और नए गठन की प्रक्रिया के तहत यह बदलाव लागू किया गया है।
सरकार का कहना है कि प्रशासनिक सुविधा और स्थानीय विकास को ध्यान में रखते हुए नई पंचायतों का गठन किया गया है। हालांकि इसके साथ ही 46 पंचायतों का अस्तित्व समाप्त भी हुआ है, जिन्हें नगर पंचायतों में शामिल कर दिया गया है। इस पुनर्गठन के बाद अब प्रदेश में कुल 3,773 पंचायतों में ही आगामी पंचायत चुनाव कराए जाएंगे।
नई पंचायतों के गठन के साथ ही सरकार ने चुनावी प्रक्रिया को भी तेज कर दिया है। रविवार को सभी उपायुक्तों को वार्डों के पुनर्सीमांकन के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि तीन दिनों के भीतर वार्ड पुनर्सीमांकन का कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके बाद प्रत्येक जिले में रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
निर्देशों के अनुसार 25 मार्च तक सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों का रोस्टर जारी करना होगा। इस रोस्टर के माध्यम से जिला परिषद, पंचायत समिति, पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्य के पदों के लिए आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। रोस्टर जारी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनावों की तैयारियां और अधिक तेज हो जाएंगी।
पंचायतीराज विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए 31 मार्च से पहले सभी जरूरी दस्तावेज राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दिए जाएंगे। इसके बाद आयोग पंचायत चुनाव कार्यक्रम को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब प्रदेश में और नई पंचायतों का गठन नहीं किया जा सकता, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार चुनाव प्रक्रिया को समय पर लागू करना अनिवार्य है। इसलिए मौजूदा पुनर्गठन के बाद अब इन्हीं पंचायतों में चुनाव होंगे।
इस संबंध में पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि सरकार ने पहले 4 पंचायतें, फिर 39 पंचायतें और अब 64 नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया पूरी की है। इन पंचायतों के गठन से पहले विभाग की ओर से जनता से आपत्तियां और सुझाव भी मांगे गए थे। कुछ आपत्तियां प्राप्त हुई थीं, जिनका निपटारा करने के बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी की गई।
मंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में कुल 3,773 पंचायतें हैं और आगामी पंचायत चुनाव इन्हीं पंचायतों में कराए जाएंगे।



