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एचपीएनएलयू का दीक्षांत समारोह: 451 छात्रों को डिग्री, मुख्यमंत्री बोले- कानून आत्मविश्वास बढ़ाता है

● हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू) शिमला का दूसरा दीक्षांत समारोह आयोजित
● मुख्यमंत्री ने कानून की पढ़ाई को आत्मविश्वास बढ़ाने वाला बताया, न्यायमूर्ति सूर्यकांत बोले- कानून जरूरतमंदों के लिए है
● 451 छात्रों को उपाधि प्रदान, कई छात्रों को स्वर्ण पदक और विशेष सम्मान मिले


हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचपीएनएलयू), शिमला ने आज हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी, शिमला में अपने दूसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि रहे, जबकि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई दी और उन्हें अपने लक्ष्य की ओर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने जीवन से जुड़े अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की थी, लेकिन राजनीति और समाज सेवा में रुचि होने के कारण वकालत नहीं की। उन्होंने कहा कि कानून की पढ़ाई व्यक्ति में आत्मविश्वास भरती है, जिससे वह किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कानूनी सुधारों की चर्चा करते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए विशेष कानून बनाने वाला देश का पहला राज्य बना है। इसके अलावा, राज्य में बेटियों को संपत्ति में समान अधिकार दिया गया है और विवाह की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पारित हिमाचल प्रदेश नशा निवारण अधिनियम और संगठित अपराध अधिनियम से नशा माफिया पर शिकंजा कसने में मदद मिली है।

इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता के लिए धैर्य, सत्यनिष्ठा और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि कानून केवल उन लोगों के लिए नहीं है जो इसे वहन कर सकते हैं, बल्कि यह उन लोगों के लिए है जिन्हें इसकी नितांत आवश्यकता होती है।

समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शकधर को डॉक्टर ऑफ लॉज़ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 451 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई, जिनमें बीए एलएलबी के 114, बीबीए एलएलबी के 111, एलएलएम के 211 और पीएचडी के 15 छात्र शामिल थे।

इसके अलावा, कई छात्रों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए स्वर्ण पदक और विशेष सम्मान प्रदान किए गए। शीनम ठाकुर को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले, जिसमें के.के. लूथरा मेमोरियल गोल्ड मेडल (क्रिमिनल लॉ), श्री तरसेम कुमार स्वर्ण पदक (सर्वश्रेष्ठ महिला टॉपर), संस्थापक कुलपति स्वर्ण पदक (सर्वश्रेष्ठ ओवरऑल टॉपर) आदि शामिल हैं।

समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश, न्यायमूर्ति आर. महादेवन, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी.एस. संधावालिया और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।