➤ छोटे सेब उत्पादकों के लंबित भुगतान के लिए 20 करोड़ जारी करने के निर्देश
➤ चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के एरियर भुगतान को लेकर सरकार सख्त
➤ चार दिन में सभी देनदारियां निपटाने के आदेश, लापरवाही पर कार्रवाई चेतावनी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने छोटे सेब उत्पादकों, पेंशनरों और सरकारी कर्मचारियों के लंबित भुगतानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को राज्य सचिवालय में सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित देनदारियों का जल्द निपटारा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत छोटे सेब उत्पादकों के लंबित बिलों के भुगतान के लिए 20 करोड़ रुपये जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाए कि छोटे उत्पादकों को समय पर उनका भुगतान मिले।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को योजनाओं से वंचित न रखा जाए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने 15 अप्रैल को की गई अपनी घोषणा को दोहराते हुए सभी विभागों के चतुर्थ श्रेणी पेंशनरों के लंबित एरियर का भुगतान करने के आदेश भी जारी किए। इसके साथ ही उन्होंने सेवानिवृत्त और वर्तमान में सेवा दे रहे सरकारी कर्मचारियों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों के शीघ्र निपटारे पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि सभी लंबित देनदारियों का निपटारा अगले चार दिनों के भीतर किया जाए। साथ ही इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारियों (DDO) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में उनकी जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, ओंकार शर्मा, आरडी नजीम सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।



