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हिमाचल के पेंशनरों को बड़ी राहत, अब डाकघर और IPPB से भी बनेगा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र

अब डाकघर और IPPB के जरिए भी बन सकेगा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र
वित्त विभाग ने IPPB को अधिकृत एजेंसी बनाने के जारी किए आदेश
बुजुर्ग, दिव्यांग और दूरदराज के पेंशनरों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा


शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने लाखों पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) बनाने और सत्यापित करने के लिए अधिकृत एजेंसी घोषित कर दिया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में सभी जिला कोषाधिकारियों और कोष अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। अब प्रदेश के पेंशनर IPPB शाखाओं और डाकघरों के माध्यम से भी अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र आसानी से बनवा सकेंगे।

अब तक यह सुविधा मुख्य रूप से बैंकों और लोक मित्र केंद्रों तक सीमित थी, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेशभर में डाकघरों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के नेटवर्क के जरिए यह सेवा उपलब्ध होगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

डोरस्टेप सेवा का भी मिलेगा लाभ

वित्त विभाग के अनुसार IPPB ने सरकार से इस सुविधा को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। प्रस्ताव पर विचार करने के बाद सरकार ने IPPB को अधिकृत एजेंसी के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया। नई व्यवस्था के तहत डोरस्टेप बैंकिंग सेवा के माध्यम से भी पेंशनरों के घर जाकर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र का सत्यापन किया जा सकेगा।

इस सुविधा का सबसे अधिक लाभ उन बुजुर्ग, दिव्यांग और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनरों को मिलेगा, जिन्हें अब तक जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

हर जिले में मिलेगी सुविधा

सरकार के निर्देशों के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्थित IPPB शाखाओं और डाकघरों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पेंशनरों को पहले की तुलना में अधिक विकल्प मिलेंगे और प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया भी तेज एवं सरल होगी।

अधिकारियों को दिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश

वित्त विभाग ने सभी जिला कोषाधिकारियों और कोष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अधिक से अधिक पेंशनरों तक इस नई व्यवस्था की जानकारी पहुंचाई जाए। साथ ही अधिकारियों को पेंशनरों को IPPB और डाकघरों के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रोत्साहित करने को भी कहा गया है।

सरकार का मानना है कि इस निर्णय से डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा, पेंशनरों को सुविधा मिलेगी और सरकारी प्रक्रियाएं अधिक सरल एवं सुलभ बनेंगी।