➤ कर्मचारियों के दबाव में सरकार ने हायर ग्रेड पे से जुड़ी अधिसूचना पर लगाई रोक
➤ मुख्यमंत्री सुक्खू ने आश्वासन दिया, किसी कर्मचारी की सैलरी नहीं कटेगी
➤ नई नियुक्तियों पर भविष्य में एडिशनल इंक्रीमेंट नहीं मिलेगा
शिमला। विरोध और कर्मचारी संगठनों के दबाव के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने आखिरकार हायर ग्रेड पे (राइडर) से जुड़ी अधिसूचना पर रोक लगा दी है। इसकी अधिसूचना जारी हो गई है।विरोध में कर्मचारी मुख्यमंंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिले थे और प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि था कि यह अधिसूचना कर्मचारी हित में नहीं है और इससे हजारों कर्मचारियों की मासिक सैलरी में 10 से 20 हजार तक की कटौती हो रही है।
कर्मचारी संगठनों की मांग पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने भरोसा दिलाया कि किसी भी मौजूदा कर्मचारी की सैलरी में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में नई नियुक्तियों पर एडिशनल इंक्रीमेंट का प्रावधान नहीं होगा, लेकिन पहले से दिए गए इंक्रीमेंट वापस नहीं लिए जाएंगे।

कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया, लेकिन ऐलान किया कि जब तक लिखित आदेश जारी नहीं हो जाते, वे शिमला में ही डटे रहेंगे। जिसके बाद सरकार ने इसे रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी है। नेता प्रदीप ठाकुर ने कहा कि सरकार के फैसले से हजारों कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा था, इसलिए सरकार को इसे वापिस लेना पड़ा।
इसी बीच, सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। संगठन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने सचिवालय परिसर में गेट मीटिंग कर कहा कि यह फैसला पूरी तरह कर्मचारी विरोधी था। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि अधिसूचना को स्थायी रूप से वापिस नहीं लिया गया तो कर्मचारी निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे।
फिलहाल सरकार के इस कदम से कर्मचारियों में कुछ राहत दिख रही है, लेकिन आदेश जारी होने तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है।



