➤ हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों में बड़ा इजाफा, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज
➤ टांडा, आईजीएमसी, हमीरपुर, चंबा, नाहन और नेरचौक में सीटें बढ़ाने का ऐलान
➤ स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 3000 करोड़ रुपये से आधुनिक मशीनें और स्टाफ भर्ती पर जोर
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने बड़ा ऐलान किया है। बुधवार को स्वास्थ्य शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की जाएगी, जिससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार टांडा मेडिकल कॉलेज में 57, नेरचौक में 29, नाहन में 32, चंबा में 33, हमीरपुर में 67 और आईजीएमसी शिमला में 96 पीजी सीटें बढ़ाई जाएंगी। इस फैसले के बाद प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों की कार्यक्षमता में तेजी आएगी और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को प्रदेश के भीतर ही उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि उन्हें बड़े शहरों या अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पीजी सीटें बढ़ने से विभिन्न विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा।
बैठक में मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने नए मेडिकल कॉलेजों और टांडा मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए उनकी सेवानिवृत्ति आयु अगले तीन वर्षों के लिए 65 वर्ष करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्णय से किसी भी स्तर पर प्रमोशन प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
सरकार ने असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों की कमी को दूर करने के लिए भी कदम उठाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन पदों पर डेजिग्नेशन और भर्ती की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े निवेश का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में 3000 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मशीनें और उपकरण खरीदे जा रहे हैं। साथ ही नर्सों और तकनीकी स्टाफ के रिक्त पदों को भी इस वर्ष नवंबर तक भरने का लक्ष्य रखा गया है।
सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और इनके लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले वर्षों में हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार देखेगा और राज्य में हेल्थ टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा मेडिकल कॉलेज चंबा के चरण-2 के लिए 192 करोड़ रुपये और नाहन मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की गई।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Dhani Ram Shandil, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा और सभी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानाचार्य वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।



