➤ हिमाचल पंचायत चुनाव के 79 हजार से ज्यादा नामांकन पत्रों की जांच जारी
➤ गलत पाए गए नॉमिनेशन होंगे रद्द, 15 मई को मिलेंगे चुनाव चिन्ह
➤ 50 लाख से ज्यादा मतदाता चुनेंगे पंचायतों के नए जनप्रतिनिधि
हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर चुनावी प्रक्रिया अब अहम दौर में पहुंच गई है। प्रदेशभर में दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की मंगलवार को गहन जांच शुरू हो गई। रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) विभिन्न पंचायतों में जमा हुए नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी कर रहे हैं। जांच के दौरान जिन उम्मीदवारों के दस्तावेज या नामांकन पत्रों में त्रुटियां पाई जाएंगी, उनके आवेदन रद्द कर दिए जाएंगे।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार इस बार पंचायत चुनावों के लिए रिकॉर्ड स्तर पर नामांकन दाखिल किए गए हैं। अब तक प्रदेशभर में 31 हजार 214 पदों के लिए कुल 79 हजार 676 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। दुर्गम क्षेत्र पांगी से अंतिम आंकड़े आने के बाद यह संख्या करीब 80 हजार तक पहुंच सकती है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उम्मीदवार 14 और 15 मई को अपने नामांकन वापस ले सकेंगे। इसके बाद 15 मई को दोपहर तीन बजे के बाद सभी वैध उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। उसी दिन यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किस पंचायत सीट पर कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं और कहां मुकाबला दिलचस्प होने वाला है।
इस बीच कुछ सीटों पर निर्विरोध जीत के परिणाम भी सामने आने लगे हैं। ठियोग क्षेत्र के अंतर्गत देवरीघाट-जोधपुर-धमांदरी से रीता शर्मा निर्विरोध बीडीसी सदस्य चुनी गई हैं। इससे संबंधित क्षेत्र में चुनावी माहौल और भी रोचक हो गया है।
प्रदेश में इस बार पंचायत चुनावों के जरिए कुल 3,754 प्रधान, 3,754 उप प्रधान, 21,654 वार्ड सदस्य, 1,769 बीडीसी सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे। इन जनप्रतिनिधियों के भाग्य का फैसला प्रदेश के 50.80 लाख मतदाता करेंगे।
चुनाव आयोग के अनुसार हर मतदाता पांच अलग-अलग पदों के लिए मतदान करेगा। इनमें प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। पंचायत चुनावों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और उम्मीदवार घर-घर जाकर प्रचार में जुट गए हैं।
प्रदेश में पंचायत चुनाव तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 26 मई, दूसरे चरण का 28 मई और तीसरे चरण का मतदान 30 मई को होगा। प्रधान, उप प्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना मतदान वाले दिन ही पंचायत भवनों में पूरी कर ली जाएगी।
वहीं जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के वोटों की गिनती 31 मई को की जाएगी। इसी दिन सोलन, धर्मशाला, मंडी और पालमपुर नगर निगम चुनावों के नतीजे भी घोषित होंगे।
राज्य में नामांकन प्रक्रिया तीन दिनों तक चली। सात मई को 16 हजार 891, आठ मई को 25 हजार 671 और 11 मई को सबसे अधिक 37 हजार 114 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से इस बार पंचायत चुनाव बेहद दिलचस्प माने जा रहे हैं।



