हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में निर्माणाधीन एम्स के काम में लगे मजदूर लगातार घर जाने की मांग कर रहे हैं। इन मजदूरों ने पहले भी सड़क पर धरना दिया था और ठेकेदार पर पैसे ने देने के आरोप लगाया था। इसके बाद जिला प्रशासन औऱ सब डिविजन ने इन्हें आश्वासन देकर घर ले जाने की बात कही थी। लेकिन जब सब डिविजन ने भी अपना आश्वासन पूरा नहीं किया औऱ ठेकेदार ने भी इनकी एक न सुनी तो ये मजदूर अपने घरों को पैदल ही रवाना हो गए हैं। महामारी के बीच लॉकडाउन की परवाह किये बिना ही 200 मजदूर घर लौट रहे हैं।
कोठीपुरा बिलासुपर से ये सभी मजदूर देर रात पैदल तो निकल गए लेकिन पुलिस ने चंडीगढ़-मनाली हाइवे कल्लर के पास इन सभी को रोक लिया। देर रात प्रशासनिक अधिकारी मजदूरों को मनाने में कामयाब हुए जिसके बाद इन्हें क्वारंटीन सेंटर में रखा। आनन फानन में मौके पर एएसपी अमित शर्मा और डीएसपी अजय ठाकुर भी मौके पर पहुंचे। इन्हें एक बार फ़िर आश्वासन दिया गया है कि उन्हें जल्द घर भेजा जाएगा।
ग़ौरतलब है कि बिलासपुर के कोठीपुरा में निर्माणाधीन एम्स अस्पताल के निर्माण कार्य में विभिन्न राज्यों के करीब 1200 मजदूर काम कर रहे हैं। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते उपजे हालातों के चलते ये मजदूर कई दिनों से घर जाने की मांग कर रहे थे। शुक्रवार देर रात यूपी, झारखंड, बिहार और एमपी के करीब 200 मजदूर पैदल ही घरों के लिए निकल गए, जिन्हें प्रशासन ने बसों की व्यवस्था करने का हवाला देकर फिलहाल क्वारंटाइन सेंटर में ठहराया है। वहीं, जो ठेकेदार इन मजदूरों को लाया है या फ़िर जिस ठेकेदार को सरकार ने इसका ठेका दिया है सरकार उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं करती।



