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क्लस्टर प्रणाली के खिलाफ शिक्षकों का प्रदेशव्यापी विरोध, चौड़ा मैदान में शिक्षकों ने भरी हुंकार

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रदेशभर में आग्रह रैली
नई परिसर प्रणाली की अधिसूचना वापस लेने की मांग
निर्णय वापस न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी


हिमाचल प्रदेश में Himachal Pradesh Government Primary Teachers Association ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ के बैनर तले रविवार को शिमला के चौड़ा मैदान में मांगों को लेकर आग्रह रैली आयोजित की गई, जिसमें शिमला जिले के सभी 21 शिक्षा खंडों के शिक्षकों ने भाग लिया।

शिक्षकों ने वर्ष 23 सितंबर 2025 को शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई परिसर प्रणाली (क्लस्टर प्रणाली) संबंधी अधिसूचना को तुरंत वापस लेने की मांग की। संघ पदाधिकारियों का आरोप है कि इस अधिसूचना के तहत प्राथमिक शिक्षा का पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण और संचालन प्रिंसिपल को सौंप दिया गया है, जो प्राथमिक शिक्षकों के हितों के खिलाफ है।

संघ ने कहा कि वर्ष 1984 से प्राथमिक शिक्षा का अलग ढांचा कार्य कर रहा है और अलग क्लस्टर प्रणाली के तहत प्रशासनिक व्यवस्था संचालित होती रही है। नई व्यवस्था लागू होने से कार्य पूरी तरह केंद्रीकृत हो जाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

पदाधिकारियों ने इसे प्राथमिक शिक्षकों को दोहरी प्रशासनिक इकाइयों के अधीन करने जैसा बताया और आशंका जताई कि इससे प्राथमिक शिक्षा ढांचा कमजोर हो सकता है। उन्होंने कहा कि जेबीटी शिक्षकों ने इस मुद्दे पर कई बार शिक्षा मंत्री से मुलाकात की थी और हितों की रक्षा का आश्वासन मिला था, लेकिन इसके बावजूद अधिसूचना जारी कर दी गई।

रैली के बाद शिक्षकों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजने की बात कही है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि अधिसूचना शीघ्र वापस नहीं ली गई तो प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।

प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रदर्शन हुए। हमीरपुर में गांधी चौक पर रैली निकाली गई, कुल्लू में उपायुक्त कार्यालय तक मार्च किया गया, जबकि सिरमौर और सोलन में भी शिक्षकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया।