➤ अब हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्तियां साल में तीन बार होंगी
➤ एम्स चमियाना के डॉक्टरों को फील्ड पोस्टिंग से छूट मिलेगी
➤ भर्ती प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए सरकार ने पीजी पॉलिसी-2025 अधिसूचित की
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की नियुक्तियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने पीजी पॉलिसी-2025 को अधिसूचित कर दिया है, जिसके तहत अब सीनियर रेजिडेंट की भर्तियां साल में तीन बार — मार्च, जुलाई और नवंबर के अंत में की जाएंगी।
यह निर्णय प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुचारु बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। एम्स चमियाना में सेवाएं दे रहे डॉक्टरों को इस नीति के तहत फील्ड पोस्टिंग की शर्त से छूट दी गई है। हालांकि यह छूट सिर्फ चमियाना के डॉक्टरों के लिए ही लागू होगी, जबकि अन्य मेडिकल कॉलेजों के लिए यह नियम यथावत रहेगा।
सरकार ने 10 अक्तूबर को जारी नीति में संशोधन करते हुए 15 अक्तूबर को इसे पुनः अधिसूचित किया है। नई नीति के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सीएमओ कार्यालय, और स्वास्थ्य सेवाएं निदेशालय में की गई पोस्टिंग को बॉन्ड अवधि के तहत परिधीय पोस्टिंग माना जाएगा। वहीं, कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर्स की सेवाएं अब इस श्रेणी में शामिल नहीं होंगी।
नीति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का चयन अब लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इसके साथ ही, चमियाना को छोड़कर अन्य सभी शिक्षण संस्थानों में की गई पोस्टिंग को पेरिफेरल पोस्टिंग नहीं माना जाएगा।
राज्य के शिमला, नाहन, हमीरपुर, नेरचौक, चंबा, सोलन और चमियाना मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट की नियुक्तियां की जाएंगी। अभ्यर्थियों के लिए एमबीबीएस की डिग्री और हिमाचल प्रदेश मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। पात्रता आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तय की गई है, जबकि सेवानिवृत्त चिकित्सक 65 वर्ष तक कार्य कर सकेंगे।
चयनित उम्मीदवारों को यह शपथपत्र देना होगा कि वे इस पद को लेकर किसी भी प्रकार की स्थायी नियुक्ति, पदोन्नति या सरकारी लाभ का दावा नहीं करेंगे। यह नीति न केवल भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता लाएगी बल्कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



