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सामान्य से 28 फीसदी अधिक बरसे बादल, जानें एक सप्ताह तक कैसा रहेगा माैसम

➤ हिमाचल में सामान्य से 28% ज्यादा बारिश, कई जिलों में 300% तक बढ़ोतरी
➤ ओलावृष्टि और बेमौसमी बारिश से किसानों की गेहूं फसल को भारी नुकसान
➤ 12 मई तक फिर बदल सकता है मौसम, कुछ दिनों बाद बारिश के आसार



हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम लगातार खराब बना हुआ है, जिससे जहां एक ओर तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 से 6 मई के बीच प्रदेश में सामान्य से 28 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

इस अवधि में जहां सामान्य बारिश 13.9 मिलीमीटर मानी जाती है, वहीं 17.8 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो बिलासपुर में 367%, सिरमौर में 336%, ऊना में 317%, सोलन में 304%, शिमला में 284%, हमीरपुर में 197%, कांगड़ा में 168% और मंडी में 160% अधिक बारिश दर्ज हुई है। हालांकि चंबा, किन्नौर, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम बारिश हुई है।

बीते 24 घंटों के दौरान भी कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिसमें शिमला में 17.6 मिमी, नाहन 13.2 मिमी और सोलन-पालमपुर में 5.2 मिमी वर्षा शामिल है। राजधानी शिमला में दिन के समय धूप खिली रही, लेकिन शाम को तेज बारिश हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 6 और 7 मई को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं, जबकि 8 से 10 मई तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। इसके बाद 11 और 12 मई को फिर से कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।

इस बीच बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मंडी जिले के लडभड़ोल क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण खेतों में कटी हुई गेहूं की फसल सड़कर खराब हो गई है। किसानों ने सरकार से नुकसान का आकलन कर जल्द मुआवजा देने की मांग की है।

कृषि विभाग ने किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ लेने की सलाह दी है, ताकि भविष्य में ऐसे नुकसान से राहत मिल सके। विभाग के अनुसार जिन किसानों ने बीमा कराया है, उन्हें मुआवजा मिलने का प्रावधान है।