➤ हिमाचल के 9 जिलों में आज बारिश का यलो अलर्ट
➤ प्रदेश में सामान्य से 45% अधिक बारिश दर्ज
➤ 4080 करोड़ की निजी संपत्ति नष्ट, 824 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा। मौसम विभाग ने आज राज्य के 9 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर बाकी सभी जिलों में आज बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है। हालांकि, कल से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ेगी और तीन दिन तक इसकी सक्रियता कम रहेगी।
आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल का मानसून सीजन सामान्य से 45 प्रतिशत ज्यादा बारिश लेकर आया है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 7 सितंबर तक औसतन 652.1 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार 948.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है।
जिलों के स्तर पर देखें तो कुल्लू जिला में सामान्य 475.1 मिलीमीटर बारिश की तुलना में 1027.2 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इसी तरह शिमला जिला में सामान्य 551.6 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार आंकड़ा दोगुने से भी ज्यादा यानी 1169.3 मिलीमीटर तक पहुंच गया है।
इसके अलावा बिलासपुर में 78%, ऊना में 72%, हमीरपुर में 52%, कांगड़ा में 14%, किन्नौर में 40%, मंडी में 68%, सिरमौर में 46% और सोलन में 75% ज्यादा बारिश हुई है। यही वजह है कि पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन, घर गिरने और सड़कें बंद होने जैसी आपदाएं सामने आ रही हैं।
सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, भारी बारिश से प्रदेश में अब तक 4080 करोड़ रुपए की प्राइवेट व निजी संपत्ति नष्ट हो चुकी है। आपदा में 1194 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं, जबकि 5077 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
यही नहीं, दो नेशनल हाईवे समेत 824 सड़कें बंद हैं। इनमें कई सड़कें पिछले 10 दिनों से ठप पड़ी हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में तो लोगों को जरूरी सामान तक पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं।
कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश का यह मानसून अब तक विनाशकारी साबित हुआ है। जहां पहाड़ों पर लगातार बारिश जीवन को संकट में डाल रही है, वहीं अब सरकार और प्रशासन के सामने चुनौती राहत व पुनर्निर्माण कार्यों को गति देने की है।



