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गर्म इलाकों में सेब क्रांति लाने वाले हरिमन शर्मा को मिलेगा पद्मश्री

Hariman Sharma Padma Shri Award: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के सेब बागवान हरिमन शर्मा को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस से पहले पुरस्कार प्राप्त करने वाले 113 व्यक्तियों की सूची जारी की, जिसमें हरिमन शर्मा का नाम भी शामिल है। हरिमन को सेब की एचआरएमएन-99 किस्म विकसित करने और गर्म क्षेत्रों में सेब की खेती को सफल बनाने के लिए यह सम्मान दिया गया है।

हरिमन शर्मा ने अपने क्षेत्र में सेब की खेती की असंभव मानी जाने वाली चुनौती को स्वीकार कर नया इतिहास रचा। उन्होंने समुद्र तल से केवल 2250 फीट की ऊंचाई पर सेब की पैदावार की, जबकि आमतौर पर यह खेती 5000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में होती है।

सेब क्रांति के जनक:
हरिमन शर्मा ने 1999 में सेब की नई किस्म पर रिसर्च शुरू की और 2006 में सफलता प्राप्त की। शुरुआत में उनका प्रयासों पर कोई विश्वास नहीं करता था, लेकिन 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री को उनके बगीचे के सेब और आम भेंट करने के बाद उनका काम पहचाना गया। इसके बाद गर्म क्षेत्रों में सेब की खेती को लेकर जागरूकता बढ़ी।

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान:
हरिमन शर्मा को पहले भी 19 नेशनल और 15 स्टेट लेवल पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, उत्तर-पूर्वी राज्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गोद लिए गांव जयपुरा में भी सेब की खेती को बढ़ावा दिया। उनकी एचआरएमएन-99 किस्म की पैदावार देश के 29 राज्यों में की जा रही है।

एवोकाडो खेती की ओर कदम:
हरिमन अब एवोकाडो फल की खेती पर भी काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह फल महंगा होने के बावजूद बाजार में लोकप्रियता हासिल करेगा।

व्यक्तिगत जीवन:
हरिमन का जन्म 4 अप्रैल 1956 को बिलासपुर के गलासीं गांव में हुआ। माता के निधन के बाद उन्हें गोद लिया गया और पनियाला में पाला गया। वर्तमान में वह अपने गांव में सेब और एवोकाडो की नर्सरी चला रहे हैं।