Follow Us:

IIGMC शिमला में इलाज होगा महंगा, रोगी कल्याण समिति की बैठक में टेस्टों सहित स्पेशल वार्ड के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव , सरकार की मंजूरी कर बाद लागू होगी नई दरें

➤ IGMC में टेस्टों और स्पेशल वार्ड के शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव
➤ एमआरआई और PET स्कैन के नए रेट तय, सरकार की मंजूरी के बाद लागू
➤ RKS कर्मचारियों के वेतनमान व नियमितीकरण का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा


IGMC शिमला में इलाज करवाना आने वाले समय में महंगा हो सकता है। अस्पताल की रोगी कल्याण समिति (RKS) की 14वीं बैठक में विभिन्न डायग्नोस्टिक टेस्टों के शुल्क बढ़ाने और स्पेशल वार्ड के दामों में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही एमआरआई और PET स्कैन जैसी महंगी जांचों के नए रेट को समिति ने मंजूरी दे दी है। यह नई दरें सरकार की अंतिम स्वीकृति के बाद लागू होंगी।

बैठक स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें अस्पताल में बढ़ती लागत, मशीनों के रखरखाव, आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए शुल्कों में संशोधन की आवश्यकता जताई गई। समिति का मानना है कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं बनाए रखने के लिए राजस्व का संतुलन जरूरी है।

बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से टेस्टों के शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि RKS कर्मचारियों को छठा वेतनमान देने और 8 साल का अनुबंध पूरा कर चुके कर्मचारियों को नियमित वेतनमान देने का प्रस्ताव भी सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है।

इसके अलावा मंत्री ने कहा कि सरकार हिम केयर और आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित देनदारियों को चुकाने की दिशा में भी कदम उठा रही है, ताकि मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उनका कहना था कि शुल्कों में प्रस्तावित बढ़ोतरी का उद्देश्य मरीजों पर बोझ डालना नहीं, बल्कि अस्पताल की सेवाओं को और मजबूत करना है।