Follow Us:

जयराम ठाकुर बोले – न्यायपालिका के बजट में देरी गंभीर, सरकार दिखाए जिम्मेदारी

  • न्यायपालिका के लिए बजट में देरी पर जयराम ठाकुर ने सरकार को घेरा
  •  जाइका प्रोजेक्ट में केंद्र की हिस्सेदारी पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग
  • भरमौर PWD दफ्तर के वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्था परिवर्तन की पोल

सोलन। हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार न्यायपालिका के बजट को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि न्यायालयों के क्रियाकलापों के लिए बजट की देरी से रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो रहा है। यह स्थिति न केवल प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि ठेकेदारों को भुगतान न मिलने से कई निर्माण कार्य प्रभावित हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले ही ठेकेदार ने भुगतान न मिलने पर एक सरकारी भवन पर ताला जड़ने की घटना ने प्रदेश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई थी। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी के कारण प्रदेश की छवि बार-बार धूमिल हो रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने जाइका प्रोजेक्ट को लेकर सरकार पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (JICA) द्वारा दी गई 1138 करोड़ रुपए की परियोजना में केंद्र सरकार की 90% हिस्सेदारी यानी 1042 करोड़ रुपए हैं, जबकि राज्य सरकार की मात्र 113 करोड़ की भागीदारी है। जयराम ने कहा कि यदि राज्य सरकार इसे नकार रही है, तो उसे इस विषय पर एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिया था, जिससे केंद्र योजनाओं में राज्य की हिस्सेदारी मात्र 10% रहती है। मगर कांग्रेस नीत पूर्व सरकार ने यह दर्जा समाप्त कर दिया था।

भरमौर PWD एक्सईएन कार्यालय से वायरल हो रहे वीडियो पर बोलते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि यह वीडियो सरकार के व्यवस्था परिवर्तन के दावों की पोल खोलता है। वीडियो में कांग्रेस नेता अधिकारियों को धमकाते और टेंडर रद्द करवाने की बात करते नजर आ रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि आज सरकार में गुणवत्ता या पारदर्शिता नहीं, बल्कि चहेतों को टेंडर देने की संस्कृति चल रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता संरक्षण प्राप्त कांग्रेस नेता अधिकारीयों को धमका रहे हैं, जिससे प्रदेश में अराजकता और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है।