➤ किन्नौर के चोलिंग में तड़के बादल फटने से भारी मलबा, दो वाहन दबे लेकिन सभी लोग सुरक्षित
➤ NH-5 से मलबा हटाकर यातायात बहाल, प्रशासन ने मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की
➤ रिब्बा खड्ड में अचानक आई बाढ़ से कंडे संपर्क सड़क क्षतिग्रस्त, कई स्थानों पर मलबा जमा
किन्नौर जिले में शुक्रवार तड़के चोलिंग क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी। तेज बारिश और मलबे के कारण शिमला-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। भारी मात्रा में मलबा राजमार्ग पर आ जाने से दो वाहन उसमें दब गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों वाहनों में सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। वाहनों में रखा कुछ सामान तेज बहाव और मलबे में बह गया। घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने तुरंत राहत एवं बहाली अभियान शुरू कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। पोकलेन मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की मदद से राजमार्ग पर जमा मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। मलबे में दबे वाहनों को सुरक्षित निकालने के लिए भी लगातार प्रयास किए गए। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया और लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।
राहत की बात यह रही कि कुछ घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शिमला-किन्नौर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 को चोलिंग के पास दोबारा यातायात के लिए बहाल कर दिया गया। सड़क खुलने के बाद शिमला और किन्नौर के बीच वाहनों की आवाजाही फिर से सामान्य हो गई। प्रशासन ने बताया कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है।
इधर रिब्बा खड्ड में वीरवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब तीन बजे अचानक बाढ़ आ गई। खड्ड का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण पानी भारी मात्रा में मलबा लेकर आसपास के रास्तों और सड़कों पर फैल गया। पानी की तेज आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए। सुबह जब लोग बाहर निकले तो खड्ड के आसपास और संपर्क मार्गों पर मलबे का ढेर लगा हुआ था।
बाढ़ के कारण रिब्बा से कंडे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा जमा हो गया, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। ग्रामीणों को अपने वाहनों को मलबे से निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या बड़े स्तर पर संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उधर मौसम विभाग ने शुक्रवार को कांगड़ा और मंडी जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं शिमला, कुल्लू, ऊना और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। चार जुलाई को कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर में भी येलो अलर्ट रहेगा, जबकि पांच और छह जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।



