➤ सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का आज से भव्य शुभारंभ
➤ भगवान Raj Madhav Rai Temple से निकलेगी ‘शाही जलेब’, 200 देवी-देवता होंगे शामिल
➤ अमेरिका समेत 6 देशों के कलाकार निकालेंगे अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक परेड
हिमाचल की छोटी काशी Mandi में आज से सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का विधिवत शुभारंभ होगा। डिप्टी सीएम Mukesh Agnihotri दोपहर 3 बजे पड्डल मैदान में कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले वे राज माधोराय मंदिर में पूजा-अर्चना कर पारंपरिक ‘शाही जलेब’ में शामिल होंगे।

भगवान राज माधोराय की अगुवाई में निकलने वाली यह भव्य शोभायात्रा महोत्सव का मुख्य आकर्षण होती है। मंडी जनपद के लगभग 200 देवी-देवता अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ जलेब में शामिल होंगे। ढोल-नगाड़ों, रथों और पारंपरिक वेशभूषा के बीच यह यात्रा मंडी की समृद्ध देव संस्कृति और आस्था की अनूठी झलक पेश करेगी।

सांस्कृतिक संध्याओं में सितारों की धूम
महोत्सव के दौरान सेरी मंच पर हर शाम सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी। पहली शाम इंडियन आइडल फेम नितिन, नेहा दीक्षित और नाटी किंग कुलदीप शर्मा प्रस्तुति देंगे।
17 फरवरी को काकू राम ठाकुर और सुनील राणा, 18 फरवरी को माउंट फैशन शो, इंद्रजीत पॉल और बॉलीवुड पार्श्व गायक अरविंद राजपूत मंच संभालेंगे।
19 फरवरी को ममता भारद्वाज, अरुण-अनुशीला जुगनी और कुमार साहिल प्रस्तुति देंगे। 20 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक परेड के साथ गीता भारद्वाज और कुशांत भारद्वाज दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। 21 फरवरी को अंतिम संध्या में ‘वॉयस ऑफ शिवरात्रि’ का फाइनल और ‘हार्मनी ऑफ पाइंस’ मुख्य आकर्षण रहेंगे।
6 देशों की अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक परेड
इस वर्ष महोत्सव में फ्रांस, अमेरिका, नाइजीरिया, तंजानिया, ताजिकिस्तान और श्रीलंका के कलाकार भाग लेंगे। इनके साथ हिमाचल और उत्तर भारत के दल भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। यह परेड अंतर्राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक बनेगी।
ब्यास तट पर भव्य महाआरती
महोत्सव से पूर्व रविवार शाम Panchvaktra Mahadev Temple के समीप ब्यास नदी तट पर भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में डिप्टी सीएम ने प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
प्रदेश के इतिहास में पहली बार डिप्टी सीएम इस मेले का शुभारंभ कर रहे हैं। आमतौर पर उद्घाटन मुख्यमंत्री करते हैं, जबकि समापन अवसर पर राज्यपाल शामिल होते हैं।



