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मथौली गांव के ग्रामीण टुटू कूड़ा संयंत्र से परेशान, दी आंदोलन की चेतावनी

मथौली गांव के ग्रामीण टुटू कूड़ा संयंत्र से प्रदूषण और बीमारियों से परेशान
ग्रामीणों ने चेतावनी दी—जल्द समाधान न हुआ तो करेंगे आंदोलन और एफआईआर दर्ज
नगर निगम ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जांच शुरू


शिमला। जिला शिमला के भरयाल स्थित टुटू कूड़ा संयंत्र के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मथौली गांव के लोग पिछले आठ-नौ वर्षों से इस संयंत्र से फैल रहे प्रदूषण और उससे पैदा हो रही समस्याओं से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संयंत्र के कारण पानी, हवा और जमीन पूरी तरह दूषित हो चुकी है। खेतों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, पशुओं को चारा नहीं मिल पा रहा और पीने का पानी भी पूरी तरह असुरक्षित हो चुका है।

गांव के स्थायी निवासी एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य मोहन सिंह ठाकुर ने बताया कि संयंत्र लगने के बाद से ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। गांव में मक्खी-मच्छरों की भरमार हो गई है, जिससे तरह-तरह की बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और नगर निगम ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

इसी तरह निवासी नीलम ठाकुर ने कहा कि ग्रामीण कई सालों से कंपनी और प्रशासन को समस्याओं से अवगत करा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। बरसात के दिनों में खेतों और पानी के स्रोतों में कचरा घुस जाता है, जिससे खेती पूरी तरह बर्बाद हो रही है।

निवासी धीरज ने कहा कि संयंत्र से निकलने वाला गंदा पानी पीने के सोर्स तक पहुंच चुका है, जिससे हालात और बिगड़ रहे हैं। वहीं ललित ने बताया कि संयंत्र प्रबंधन ने दीवार बनाने और प्रबंधन सुधारने का वादा किया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

गांव के प्रधान संजय ठाकुर ने कहा कि ग्रामीणों की चेतावनी को अब गंभीरता से लेना होगा। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूर होकर एफआईआर दर्ज करवाएंगे और आंदोलन करेंगे।

इधर, नगर निगम शिमला के प्रोजेक्ट डायरेक्टर धीरज चंदेल ने कहा कि उन्हें हाल ही में समस्या की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्रामीणों की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाएगा और बातचीत के बाद स्थायी कदम उठाए जाएंगे।