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शिमला में कांग्रेस नेता युद्धवीर बैंस को पुलिस ने रोका, सड़क पर हंगामा

शिमला में कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह बैंस को पुलिस ने बीच सड़क पर रोका, मौके पर हंगामा
बैंस ने लगाए गंभीर आरोप, बोले– सीएम के खिलाफ शिकायत के बाद बनाया जा रहा निशाना
पुलिस पर पीछा करने और अगवा करने की कोशिश का आरोप, आधिकारिक बयान अब तक नहीं


शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार सुबह उस समय माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह बैंस को पुलिस ने बीच सड़क पर रोक लिया। बताया जा रहा है कि बैंस अपनी कार से किसी जरूरी काम के लिए जा रहे थे, तभी पुलिस कर्मियों ने उन्हें कार्ट रोड पर रोकने के लिए कहा। इस दौरान मौके पर काफी देर तक बहस और हंगामा होता रहा, जिससे वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।

शिमला में पुलिस के रोके जाने के बाद बहस करते हुए कांग्रेस नेता।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद बैंस ने मौके पर ही कड़ा विरोध दर्ज कराया और सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर उन्हें रोका जा रहा है। जवाब में पुलिस कर्मियों ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें “ऊपर से आदेश” मिले हैं। इस पर बैंस ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ ईडी को शिकायत दी हुई है, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

मौके पर बैंस ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अगवा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा कि वे वहां से न जाएं और दावा किया कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी जिम्मेदार होंगे। बैंस ने यह भी कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें अस्पताल जाना है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें रोके रखा।

कार्ट रोड पर पुलिस के रोकने के बाद बहस करते हुए कांग्रेस नेता युद्धवीर सिंह बैंस।

घटना के बाद युद्धवीर सिंह बैंस ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से भी सरकार और पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि प्रदेश के मुखिया के निर्देश पर शिमला पुलिस द्वारा उन्हें अगवा करने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें हिमाचल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली हुई है, इसके बावजूद पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही है।

बैंस ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि 7 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद से पुलिस लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके वकील के चैंबर के बाहर और कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के बाहर भी रोका गया। इतना ही नहीं, 8 अप्रैल को उस होटल में भी पुलिस पूछताछ के लिए पहुंची, जहां उनका बेटा और वकील ठहरे हुए थे।

इस पूरे घटनाक्रम ने राजधानी की राजनीति को गर्मा दिया है। विपक्ष और राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इस मामले में अब तक पुलिस का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे कई सवाल अभी भी बने हुए हैं।