➤ शिमला में त्योहारी सीजन पर लौटी रौनक, सैलानियों से गुलजार हुआ ‘क्वीन ऑफ हिल्स’
➤ कालका-शिमला टॉय ट्रेन बनी पर्यटकों की पहली पसंद, 15 नवंबर तक सभी सीटें बुक
➤ टूरिज्म कारोबारियों के चेहरों पर मुस्कान, बढ़ी बुकिंग और राजस्व से फिर जागा पर्यटन
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला, जिसे प्यार से ‘क्वीन ऑफ हिल्स’ कहा जाता है, इन दिनों फिर से सैलानियों से गुलजार है। त्योहारी सीजन के आगमन के साथ ही यहां की सड़कों, मॉल रोड, रिज मैदान और होटलों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। पर्यटकों की इस भीड़ ने होटल कारोबारियों और स्थानीय व्यापारियों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है।
होटल बुकिंग्स में तेजी आई है और कई स्थानों पर अगले कुछ दिनों तक रूम्स फुल हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, इस सीजन में शिमला और आसपास के इलाकों में आने वाले पर्यटकों की संख्या पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है।
कालका-शिमला टॉय ट्रेन, जो ब्रिटिश काल की धरोहर है, इस बार भी सैलानियों की पहली पसंद बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, 15 नवंबर तक इस ट्रेन की सभी सीटें एडवांस में बुक हो चुकी हैं। 1903 में शुरू हुई यह ट्रेन, आज भी यात्रियों को एक अद्भुत अनुभव देती है।
करीब 96 किलोमीटर लंबा यह रेलमार्ग, 102 सुरंगों, 864 पुलों और 18 सुंदर स्टेशनों से होकर गुजरता है। इस ट्रैक की सबसे लंबी बरोग टनल, एक किलोमीटर से अधिक लंबी है। हरे-भरे पहाड़ों, झरनों और प्राकृतिक सौंदर्य से सजा यह मार्ग हर यात्री को प्रकृति के करीब ले जाता है।
वर्ष 2008 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया यह ट्रैक, आज भी अपनी अनोखी बनावट और विरासत के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है।
सैलानियों का कहना है कि “टॉय ट्रेन का सफर एक फिल्मी दृश्य जैसा लगता है, जब वह सुरंगों और घाटियों से गुजरती है तो यह अनुभव अविस्मरणीय बन जाता है।”
कई पर्यटक दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से प्रदूषण से राहत पाने के लिए हिमाचल पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि “शिमला की ठंडी हवा, ताजगी और हरियाली ने मन को सुकून दिया है।”
पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि इस बार सीजन की शुरुआत शानदार रही है। “बुकिंग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है और इससे राजस्व में भी सुधार आया है।”
हिमाचल के अन्य पर्यटन स्थलों जैसे कुल्लू, मनाली, डलहौजी और धर्मशाला में भी पर्यटकों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।



