➤ शिमला में 30 करोड़ रुपए पानी का बिल बकाया
➤ 3500 उपभोक्ताओं को एसजेपीएनएल ने नोटिस जारी किए
➤ बिल न भरने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी
राजधानी शिमला में पानी के बिल न चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर अब गाज गिरने वाली है। शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) ने ऐसे 3500 डिफॉल्टर उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने महीनों से नहीं बल्कि सालों से अपने पानी के बिल जमा नहीं करवाए। निगम के अनुसार, शहर में उपभोक्ताओं पर कुल 30 करोड़ रुपए का बकाया हो चुका है।
एसजेपीएनएल के प्रबंध निदेशक वीरेंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि अब निगम ने विशेष मुहिम छेड़ी है। इस अभियान के तहत पानी का बिल न भरने वाले उपभोक्ताओं पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने साफ किया कि अगर निर्धारित समय में बिल जमा नहीं करवाए गए तो पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं पर बकाया है, उनमें केवल घरेलू ग्राहक ही नहीं बल्कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान, होटल, निर्माण कार्यों से जुड़े उपभोक्ता और यहां तक कि सरकारी कार्यालय भी शामिल हैं। लंबे समय से बकाया राशि का भुगतान न करने से निगम की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ा है।
शहर में लगातार पानी की मांग बढ़ रही है और निगम को रोजाना सप्लाई और रखरखाव पर करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। ऐसे में डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की लापरवाही अन्य उपभोक्ताओं को भी प्रभावित करती है। यही कारण है कि निगम ने इस बार सख्त रुख अपनाया है।
निगम प्रबंधन का कहना है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद जब उपभोक्ता बकाया राशि जमा नहीं करते तो मजबूरी में कार्रवाई करनी पड़ती है। अब देखना यह होगा कि क्या नोटिस मिलने के बाद उपभोक्ता तुरंत बिल जमा करते हैं या फिर निगम को कनेक्शन काटने की नौबत आ जाती है।



