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फाल्गुन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण, तीन राशियों के लिए चेतावनी का समय

फाल्गुन अमावस्या पर 17 फरवरी को साल का पहला सूर्य ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा फिर भी ज्योतिषीय असर गहरा
शनि की राशि कुंभ में ग्रहण, मानसिक तनाव और निर्णय क्षमता पर पड़ सकता है प्रभाव
कर्क, सिंह और कुंभ राशि वालों को 15 दिन विशेष सावधानी बरतने की सलाह



फरवरी 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। महीने की शुरुआत जहां वैलेंटाइंस डे से होगी, वहीं इसके तुरंत बाद महाशिवरात्रि का पावन पर्व आएगा और फिर 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण शाम 5:31 बजे से 7:57 बजे तक रहेगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका प्रभाव मानव जीवन, स्वास्थ्य, करियर और निर्णय क्षमता पर गहराई से महसूस किया जा सकता है।

इस बार का सूर्य ग्रहण विशेष इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यह शनि की राशि कुंभ में लग रहा है। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार कुंभ में सूर्य ग्रहण सामान्य ग्रहण की तुलना में अधिक प्रभावशाली और संवेदनशील स्थितियां उत्पन्न करता है। ग्रहण के समय बुध और शुक्र भी कुंभ राशि में उपस्थित रहेंगे, जिससे विचारों में भ्रम, मानसिक अस्थिरता और निर्णय लेने में कठिनाई जैसी स्थितियां बन सकती हैं। माना जाता है कि ग्रहण का प्रभाव लगभग 15 दिनों तक रहता है, इसलिए इस अवधि में संयम और सतर्कता बेहद आवश्यक मानी गई है।

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूप से चुनौतीपूर्ण रह सकता है। तनाव, बेचैनी और पुरानी बीमारियों के उभरने की आशंका जताई जा रही है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और किसी भी प्रकार के जोखिम भरे कार्य से दूर रहने की सलाह दी गई है। ग्रहण के बाद कम से कम एक सप्ताह तक बड़े निर्णय, निवेश या नई शुरुआत टालना बेहतर माना जा रहा है।

सिंह राशि के लोगों के लिए यह ग्रहण करियर और आर्थिक मामलों में सावधानी का संकेत दे रहा है। जल्दबाजी में लिए गए निर्णय भविष्य में भारी पड़ सकते हैं। यदि कोई नई डील, साझेदारी या बड़ा निवेश करने की योजना है तो उस पर पुनर्विचार करना उचित रहेगा। भावनात्मक निर्णय आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। मानसिक संतुलन बनाए रखना इस अवधि में अत्यंत आवश्यक बताया गया है।

चूंकि यह ग्रहण कुंभ राशि में ही लग रहा है, इसलिए कुंभ राशि के जातकों पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है। मन में अनेक विचार, असमंजस और भ्रम की स्थिति बन सकती है। आर्थिक लेन-देन, निवेश और बड़े निर्णयों से दूरी बनाने की सलाह दी जा रही है। योग, ध्यान और हल्की गतिविधियों के माध्यम से मानसिक शांति बनाए रखना लाभकारी रहेगा।

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ग्रहण काल भले ही भारत में दृश्य न हो, लेकिन ग्रहों की स्थिति और उनका प्रभाव वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिवर्तन का संकेत देता है। ऐसे समय में धैर्य, संयम, स्वास्थ्य पर ध्यान और सोच-समझकर उठाया गया हर कदम भविष्य की परेशानियों से बचा सकता है।