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पैसे की दिक्कत के चलते HPTDC और HRTC को वेतन पेंशन में हो सकती है समस्या: सीएम


सीएम सुक्खू का विपक्ष पर पलटवार, पूछा पीएम मोदी की 1500 करोड़ की घोषणा का पैसा कब मिलेगा
लंदन दौरे को लेकर सफाई, कहा निजी खर्च पर निभाया पिता का फ़र्ज़
HPTDC और HRTC कर्मचारियों के वेतन-पेंशन पर आर्थिक तंगी का असर संभव

पराक्रम चंद, शिमला


शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लंदन से लौटने के बाद विपक्ष पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1500 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि की घोषणा का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि प्रदेश को अभी तक यह पैसा क्यों नहीं मिला। सुक्खू ने कहा कि जब प्रदेश आपदा से जूझ रहा है और लोग प्रभावित हैं, तो यदि समय रहते मदद न मिले तो घोषणा का कोई महत्व नहीं रह जाता।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि हिमाचल सरकार आपदा प्रभावितों की हर संभव मदद करेगी। जिनके घर टूटे हैं, उन्हें 7 लाख रुपये नए घर के लिए और 70 हजार रुपये घरेलू सामान के लिए दिए जाएंगे। इसके अलावा जिनके पशु, खेत, बगीचे और दुकानें प्रभावित हुई हैं, उन्हें भी राहत राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।

कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (KCC) में गड़बड़ी पर सीएम ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने कोई OTS (वन टाइम सेटलमेंट) नहीं मांगी है। यह काम आरबीआई की अनुमति से ही होता है। उन्होंने कहा कि बैंक में पिछले सात-आठ वर्षों से चल रही अनियमितताओं को देखते हुए सरकार ने पूरी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भंग कर दिया है और अब ईडी इस मामले की जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल के प्रस्तावित विदेश दौरे पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी दौरा सीएम की मंजूरी से तय होता है। जब उन्होंने इस दौरे को अप्रूव ही नहीं किया तो इस पर विवाद खड़ा करना गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल अधिसूचना को उन्होंने भ्रामक बताया और कहा कि इसमें किसी के हस्ताक्षर तक नहीं हैं।

लंदन दौरे को लेकर उठ रहे सवालों पर सुक्खू ने साफ किया कि वह भी बेटी के पिता हैं। उनकी बेटी का चयन योग्यता के आधार पर हुआ और वे उसकी एडमिशन के लिए गए थे। इस दौरे में एक भी पैसा सरकारी खजाने से खर्च नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि लंदन से भी वह लगातार चीफ सेक्रेटरी और मंत्रियों से बातचीत करते रहे। भाजपा को उन्होंने सलाह दी कि ऐसे व्यक्तिगत मामलों में राजनीति न करे।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने सीमेंट पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया, विपक्ष बेवजह भ्रम फैला रहा है। उन्होंने बताया कि GST से सबसे ज्यादा नुकसान हिमाचल प्रदेश को हुआ है और अन्य छोटे राज्यों ने भी इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने रखा है।

सबसे बड़ी चिंता की बात उन्होंने यह बताई कि अगले चार-पांच महीनों में HPTDC और HRTC के कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने में दिक्कत हो सकती है। उन्होंने प्रदेश में आर्थिक तंगी को स्वीकारते हुए इसके लिए पूर्व भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया।