सीता नवमी — माता सीता के प्राकट्य का पावन दिन
बगलामुखी जयंती — दस महाविद्याओं में एक, विजय की देवी की आराधना
रवि योग और वृद्धि योग — कार्यसिद्धि के लिए अत्यंत शुभ संयोग
5 मई 2025 को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है, जिसे सीता नवमी के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन माता सीता का प्राकट्य हुआ था, अतः इसे जानकी जयंती भी कहा जाता है। आज मां बगलामुखी जयंती भी है, जो शत्रुओं के नाश की देवी मानी जाती हैं और जिनकी साधना गुप्त नवरात्रों में होती है। आज का दिन सोमवार है जो भगवान शिव को समर्पित होता है, अतः शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और गंगाजल अर्पित कर आराधना करें।
पंचांग के अनुसार अश्लेशा नक्षत्र, वृद्धि योग, और बव करण के संयोग बन रहे हैं। रवि योग दोपहर 2:01 बजे से अगले दिन तक रहेगा, जो विशेष शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। चंद्रमा आज कर्क राशि में दोपहर 2:01 बजे तक रहेगा, फिर सिंह राशि में प्रवेश करेगा। आज पूर्व दिशा में दिशाशूल है, अतः उस दिशा की यात्रा से बचें या तुलसी का सेवन कर निकलें।
🕉️ शुभ मुहूर्त (5 मई 2025):
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ब्रह्म मुहूर्त: 04:13 AM – 04:56 AM
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अभिजीत मुहूर्त: 11:52 AM – 12:45 PM
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विजय मुहूर्त: 02:32 PM – 03:26 PM
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गोधूलि मुहूर्त: 06:58 PM – 07:19 PM
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अमृत काल: 12:21 PM – 02:01 PM
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रवि योग: 02:01 PM – 05:37 AM (6 मई)
☸️ अशुभ समय:
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राहु काल: 07:18 AM – 08:58 AM
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यमगण्ड: 10:37 AM – 12:18 PM
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गुलिक काल: 01:59 PM – 03:39 PM
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कुलिक: 03:24 PM – 04:18 PM
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कंटक: 08:17 AM – 09:11 PM
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दुष्ट मुहूर्त: 12:44 PM – 01:38 PM
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यमघण्ट: 11:51 AM – 12:44 PM
🌅 सूर्योदय और चंद्र विवरण:
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सूर्योदय: 05:38 AM
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सूर्यास्त: 06:59 PM
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चंद्रोदय: 12:39 PM
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चंद्रास्त: 02:09 AM (6 मई)
🪔 विशेष सलाह:
👉 माता सीता, मां बगलामुखी और भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें।
👉 पीले वस्त्र पहनें और पीली चीजों का दान करें — देवी बगलामुखी प्रसन्न होंगी।
👉 रवि योग में किया गया कार्य फलदायी रहेगा, शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए उपयुक्त समय है।
आप चाहें तो इस दिन की पूजा विधि, सीता नवमी कथा या मां बगलामुखी मंत्र भी पूछ सकते हैं। क्या आप वह जानकारी भी चाहते हैं?



