चर्चा में रहने वाला जिला अस्पताल एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। मामला ऊना अस्पताल का है जहां एक स्त्री रोग विशेषज्ञ ने एक गर्भवती महिला को करीब 12 हजार रुपये के टेस्ट निजी लैब से करवाने की सलाह दे दी। जबकि अस्पताल के अंदर यह टेस्ट फ्री में हो सकते थे। महिला को मजबूरन अपने टेस्ट निजी लेब में करवाने पड़े। डॉक्टर के कहे अनुसार वह टेस्ट करवाने को मजबूर हो गए। जब उन्होंने अपने किसी परिजन से निजी लैब में 12 हजार के टेस्ट करवाने की बात सांझा की तो उन्होंने बताया कि यह टेस्ट तो अस्पताल में फ्री हो सकते हैं। जबकि जिला अस्पताल के उच्चाधिकारी भी यह मान रहे हैं कि गर्भवती महिला के यह सारे टेस्ट अस्पताल में फ्री हो सकते थे।
जानकारी के अनुसार पीड़िता रक्षा देवी निवासी पंजावर ने बताया कि वह ऊना अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास प्रेग्नेंसी होने पर पहुंची थी। डॉक्टर ने केस स्टडी कर पीड़िता को रक्त की जांच करवाने को कहा और यह भी हिदायत दी कि वह अपने टेस्ट अस्पताल के बाहर स्थित एक निजी लैब से ही करवाएं। यह भी दवाब बनाया की निजी लैब की रिपोर्ट बढ़िया आती है। पीड़िता रक्षा और उसका पति पहले ही एक केस खराब हो जाने की बजह से सहमे हुए थे। वह कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहते थे और डॉक्टर को ही भगवान मानते हुए कहे अनुसार निजी लैब में टेस्ट करवाने पहुंचे। जहां टेस्ट के दाम सुनते ही उनके होश उड़ गए।
निजी लैब दंपति में इस टेस्ट की कीमत करीब 12 हजार बताई गई। दंपति ने किसी से जैसे तैसे कर लैब में पैसे जमा करवाकर टेस्ट करवाये। पीड़ित दंपति ने कहा कि डॉक्टर को उनको सरकारी लेब में भेजना चाहिए था। लेकिन एक निजी लैब का नाम लेकर उनको मजबूर किया गया। वहीं, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर निखिल ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को निशुल्क टेस्ट सुविधा उपलब्ध हैं। मामले की जांच की जाएगी।



