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90 के दशक में रखी गई आधुनिक भारत की नींव, राजीव गांधी के फैसलों से बदली देश की तकदीर

Ashwani Kapoor |

डेस्क।। देशभर में आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 31वीं पुण्यतिथि मनाकर उन्हें याद किया जा रहा है। आज से ठीक 30 साल पहले 21 मई 1991 की रात तमिलनाडु में चुनावी रैली को संबोधित करने के दौरान एक आत्मघाती महिला हमलावर ने उन्हें माला पहनाने के बहाने बम से उड़ा दिया। इस घटना में राजीव गांधी की दर्दनाक मौत हो गई। लेकिन बतौर प्रधानमंत्री देश के विकास में उन्होंने जो योगदान दिया उसके लिए वे हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।

देश में कंप्यूटर शिक्षा लाने का श्रेय

राजीव गांधी को ही भारत में कंप्यूटर और दूरसंचार क्रांति लाने का श्रेय दिया जाता है। राजीव गांधी ने केवल कंप्यूटर को लोगों के घरों तक पहुंचाने का काम किया बल्कि देश में इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाई। उनका मानना था कि यदि देश को आगे ले जाना है तो इसके लिए कंप्यूटर और विज्ञान की शिक्षा जरूरी है। देश की दो बड़ी टेलिकॉम कंपनी MTNL और BSNL की शुरुआत उन्हीं के कार्यकाल में हुई थी।

युवाओं को दिया मतदान का अधिकार

18 साल के युवाओं को मतदान का अधिकार देने भी उन्हीं की देने है। इससे पहले देश में सिर्फ 21 साल के युवा ही मतदान कर सकते थे। लेकिन उन्होंने मदतान की आयु सीमा 21 से घटाकर 18 साल करके युवाओं को देश देश के प्रति जिम्मेदार और सशक्त बनाने की पहल की। राजीव गांधी के इस फैसले के बाद करीब 5 करोड़ युवाओं को मतदान करने का अधिकार मिला था।

नवोदय विद्यालयों की रखी नींव

इतना ही ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापनी की थी। आज करीब देश के हर जिला में एक नवोदय विद्यालय है। उन्होंने ये फैसला 1986 में घोषित शिक्षा नीति के तहत लिया था। देश में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की नींव रखने का श्रेय भी राजीव गांधी को ही जाता है। वह मानते थे कि पंचायती राज व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, तब तक निचले स्तर तक लोकतंत्र नहीं पहुंच सकता।

बनना चाहते थे पायलट बन गए PM

राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुआ था। उनकी शादी 1968 में सोनिया गांधी से हुई थी। राजीव गांधी की रुचि राजनीति में कभी नहीं रही। वह पायलट बनना चाहते थे लेकिन 1980 में संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मृत्यु होने के बाद सियासी परिस्थितियां बदल गई। राजीव गांधी ने 1984 में अपनी मां और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कांग्रेस की कमान संभाली थी। अक्टूबर 1984 में पदभार ग्रहण करने के बाद वह 40 वर्ष की आयु में भारत के सबसे युवा प्रधान मंत्री बने। उन्होंने 2 दिसंबर 1989 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया।