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आज का पंचांग, जानें शुभ अशुभ मुहूर्त

तिथि और नक्षत्र
● तिथि: सप्तमी – 10:50 AM तक, उसके बाद अष्टमी।
● नक्षत्र: रोहिणी – 12:05 AM (7 मार्च) तक, फिर मृगशिरा।
● करण: वणिज – 10:50 AM तक, विष्टि – 10:01 PM तक, फिर बव।
● योग: विष्कम्भ – 08:29 PM तक, फिर प्रीति।
● पक्ष: शुक्ल।
● दिन: गुरुवार।
● चंद्र राशि: वृषभ।

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त
● सूर्योदय: 06:41 AM
● सूर्यास्त: 06:24 PM
● चन्द्रोदय: 10:50 AM
● चन्द्रास्त: 01:37 AM (7 मार्च)

आज के शुभ मुहूर्त
● ब्रह्म मुहूर्त: 05:03 AM से 05:52 AM
● अभिजीत मुहूर्त: 12:09 PM से 12:56 PM
● विजय मुहूर्त: 02:30 PM से 03:17 PM
● अमृत काल: 09:02 PM से 10:34 PM

दिन के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
● शुभ-उत्तम: 06:41 AM से 08:09 AM
● चर-सामान्य: 11:05 AM से 12:32 PM
● लाभ-उन्नति: 12:32 PM से 02:00 PM
● अमृत-सर्वोत्तम: 02:00 PM से 03:28 PM
● लाभ-उन्नति: 04:56 PM से 06:24 PM

रात्रि के शुभ चौघड़िया मुहूर्त
● अमृत-सर्वोत्तम: 06:24 PM से 07:56 PM
● चर-सामान्य: 07:56 PM से 09:28 PM
● लाभ-उन्नति: 12:32 AM से 02:04 AM (7 मार्च)
● शुभ-उत्तम: 03:36 AM से 05:08 AM (7 मार्च)
● अमृत-सर्वोत्तम: 05:08 AM से 06:40 AM (7 मार्च)

अशुभ समय (राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल)
● राहुकाल: 02:00 PM से 03:28 PM
● गुलिक काल: 09:37 AM से 11:05 AM
● यमगण्ड: 06:41 AM से 08:09 AM
● दुर्मुहूर्त: 10:35 AM से 11:22 AM, 03:17 PM से 04:03 PM

गुरुवार व्रत और पूजा विधि
गुरुवार को भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

✅ पूजा सामग्री:

पीले फूल, चंदन, धूप, दीप, नैवेद्य, हल्दी, अक्षत्, तुलसी, पंचामृत।
केले के पौधे की पूजा करें क्योंकि इसमें श्रीहरि का वास माना जाता है।
श्री विष्णु चालीसा और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
अंत में भगवान विष्णु की आरती करें।
💡 विशेष लाभ:

पति-पत्नी साथ में व्रत रखें तो वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर हो तो हल्दी, चने की दाल, गुड़, पीतल, केसर और पीले वस्त्र दान करें।
गुरु का शुभ रत्न पुखराज धारण करने से लाभ मिलता है।
दिशाशूल और शिववास
● दिशाशूल: दक्षिण दिशा में है, यात्रा टालें या दही खाकर निकलें।
● भद्रा वास: स्वर्ग में।
● शिववास: भोजन में – 10:50 AM तक, उसके बाद श्मशान में।