भारतीय सेना ने लगातार दूसरे दिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की; आतंकियों को निशाना बनाने की पुष्टि।
पाकिस्तानी सेना द्वारा आतंकी सहयोग पर जवाबी कार्रवाई, चाइनीज हथियारों का इस्तेमाल होने की जानकारी।
एयर डिफेंस शील्ड, मिग-29 और आकाश मिसाइल सिस्टम से पाकिस्तानी हमलों को नाकाम किया गया।
Operation Sindoor updates: भारतीय सेना ने सोमवार को लगातार दूसरे दिन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने साझा ब्रीफिंग में बताया कि यह ऑपरेशन पाकिस्तान द्वारा समर्थन प्राप्त आतंकवादियों के खिलाफ था, न कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने अगर आतंकियों का साथ दिया, तो उसे जवाब दिया गया और हुए नुकसान के लिए वही जिम्मेदार हैं।
एयरमार्शल भारती ने रामचरितमानस की पंक्तियों का उल्लेख किया और कहा कि जब राम समुद्र तट पर उपासना और प्रार्थना कर रहे थे वहां तुलसीदास ने लिखा है– विनय न मानत जलधि जड़ गए तीन दिन बीत बोले राम सकोप तब.. भय बिनु होहीं न प्रीत।
#WATCH | Delhi | #OperationSindoor | On being asked about the message being conveyed by using Ramdhari Singh Dinkar's poem in the video presentation, Air Marshal AK Bharti says, "…'विनय ना मानत जलध जड़ गए तीन दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति'.." pic.twitter.com/WBDdUI47oX
— ANI (@ANI) May 12, 2025
7 मई की रात भारतीय वायुसेना ने मुरीदके और बहावलपुर स्थित टेरर कैंपों पर कार्रवाई की, जिसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए। इनमें कंधार हाईजैक और पुलवामा हमलों के तीन बड़े चेहरे भी शामिल थे। इसके बाद पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल से हमले की कोशिश की, लेकिन भारत ने उन्हें हवा में ही मार गिराया। एयर मार्शल भारती ने बताया कि पाकिस्तान ने चाइनीज ओरिजिन के हथियारों और UAVs का इस्तेमाल किया, जिनका जवाब आकाश मिसाइल सिस्टम और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम से दिया गया।

भारतीय नौसेना ने भी अपनी भूमिका निभाते हुए 24×7 निगरानी और रडार इनपुट्स दिए, जिससे संभावित खतरे पहले ही न्यूट्रलाइज कर दिए गए। एयरक्राफ्ट कैरियर से मिग-29 लड़ाकू विमान पूरी तरह एक्शन मोड में थे।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि एयर डिफेंस के लिए मल्टी-लेयर शील्ड तैयार थी, जिससे दुश्मन का हमला अंदर तक नहीं पहुंच सका। उन्होंने बीएसएफ की सक्रियता और समर्थन की भी खुले दिल से सराहना की।
भारतीय सेना का यह स्पष्ट संदेश था कि यदि पाकिस्तान आतंक का साथ देगा, तो उसे उसकी भाषा में जवाब मिलेगा। सेना ने यह भी बताया कि अगली लड़ाइयाँ अलग स्वरूप में लड़ी जाएंगी और सेना हर स्थिति के लिए तैयार है।
भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच बंद 32 हवाई अड्डे फिर से खोले गए; संचालन फिर से शुरू
भारत-पाक तनाव के चलते बंद किए गए 32 हवाई अड्डों को फिर से खोल दिया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सभी 32 एयरपोर्ट को नागरिक उड़ानों के तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है।
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव के चलते बंद किए गए देश के 32 हवाई अड्डों को एक बार फिर से नागरिक उड़ानों के लिए खोल दिया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। AII ने इन हवाई अड्डों पर तत्काल प्रभाव से उड़ान संचालन बहाल करने को लेकर औपचारिक घोषणा की है।
टकराव के कारण बंद हुए थे हवाई अड्डे
गौरतलब है कि भारत-पाक के बीच सैन्य टकराव के कारण 9 मई से 15 मई तक देश के उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में स्थित 32 हवाई अड्डों, जिनमें श्रीनगर और अमृतसर जैसे प्रमुख एयरपोर्ट शामिल हैं, से नागरिक उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।
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एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और अन्य उड्डयन प्राधिकरणों ने NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) जारी कर इन हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद करने की सूचना दी थी। अब स्थिति में सुधार के संकेत मिलने के बाद इन हवाई अड्डों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
इन 32 हवाई अड्डों पर उड़ानें हुईं शुरू
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के नोटिस के मुताबिक बंद किए गए सभी 32 हवाई अड्डों पर उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। इन हवाई अड्डों में उधमपुर, अंबाला, अमृतसर, अवंतीपुर, बठिंडा, भुज, बीकानेर, चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन, जम्मू और जैसलमेर, जामनगर, जोधपुर, कांडला, कांगड़ा (गग्गल), केशोद, किशनगढ़, कुल्लू मनाली (भुंतर) और लेह शामिल हैं। इसके अलावा, लुधियाना, मुंद्रा, नलिया, पठानकोट, पटियाला, पोरबंदर, राजकोट (हीरासर), सरसावा, शिमला, श्रीनगर, थोइस और उत्तरलाई में भी परिचालन कर दिया गया है।



