➤ मुख्यमंत्री सुक्खू शनिवार सुबह 11 बजे पेश करेंगे बजट
➤ कर्मचारियों, पेंशनरों और किसानों की उम्मीदें टिकीं
➤ राजस्व घाटा अनुदान बंद होने का दिख सकता है असर
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट शनिवार को पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने कार्यकाल का चौथा बजट बतौर वित्त मंत्री पेश करेंगे। बजट भाषण सुबह 11 बजे शुरू होगा।
इस बार के बजट पर राज्य के कर्मचारियों, पेंशनरों, किसानों-बागवानों, व्यापारियों और उद्योगपतियों की खास नजर है। सभी वर्गों को सरकार से राहत और नई घोषणाओं की उम्मीद है।
राजस्व घाटा अनुदान बंद होने का असर
केंद्र सरकार की ओर से राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद किए जाने का असर इस बजट में साफ नजर आ सकता है। मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि बजट अनुमानों में ज्यादा बढ़ोतरी संभव नहीं है।
राज्य पर इस समय करीब एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, ऐसे में सरकार के सामने वित्तीय संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती है।
बजट से पहले अधिकारियों संग मंथन
मुख्यमंत्री ने बजट पेश करने से पहले मुख्य सचिव और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हर बिंदु पर विस्तार से चर्चा की और बजट भाषण के प्रारूप को अंतिम रूप दिया।
इन वर्गों की उम्मीदें सबसे ज्यादा
इस बजट से खास तौर पर इन वर्गों को बड़ी उम्मीदें हैं:
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सरकारी कर्मचारी और पेंशनर
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किसान और बागवान
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पर्यटन कारोबारी
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व्यापारी और उद्योगपति
बजट प्रक्रिया का शेड्यूल
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21 मार्च: बजट पेश
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24–25 मार्च: सामान्य चर्चा
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27 मार्च से: मांगों पर चर्चा और मतदान
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30 मार्च: बजट पारित



