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न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग नहीं सहेंगे; पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ स्थगित, हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब देंगे: PM

  • सीजफायर के 51 घंटे बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को किया संबोधित

  • PM ने पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर, आतंकवाद और POK पर विस्तार से बात की

  • कहा- खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते, पाकिस्तान के रवैये पर आगे का एक्शन तय होगा


PM Modi: सीजफायर के 51 घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित किया। अपने 22 मिनट के भाषण में उन्होंने आतंकवाद, पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, पाकिस्तान की भूमिका, सीजफायर, सिंधु जल समझौता और POK पर विस्तार से चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकियों को खत्म किया है, पाकिस्तान की गुहार पर संघर्षविराम स्वीकार किया गया है, लेकिन यह केवल स्थगन है। भविष्य में पाकिस्तान के व्यवहार के आधार पर भारत अगला कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की पाकिस्तान से केवल आतंकवाद और POK पर ही बात होगी।

पहलगाम हमला: PM मोदी ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को मानवता पर धब्बा बताया। उन्होंने कहा कि निर्दोषों की हत्या ने दुनिया को झकझोर दिया। पूरे देश ने एकजुट होकर आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की।

ऑपरेशन सिंदूर: प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि न्याय की प्रतिज्ञा है। इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा खूंखार आतंकवादी मारे गए। भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी अड्डों पर सटीक हमले किए, ड्रोन और मिसाइलों से ठिकानों को नेस्तनाबूद किया।

उन्होंने तीन बिंदुओं में ऑपरेशन की नीति बताई:

  1. आतंकी हमला हुआ तो जवाब दिया जाएगा, वह भी भारत की शर्तों पर।

  2. न्यूक्लियर ब्लैकमेल स्वीकार नहीं, उसके पीछे छिपे आतंकी ठिकानों पर हमला होगा।

  3. आतंक के आकाओं और पाकिस्तान सरकार को एक ही नजर से देखा जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि Made in India हथियारों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपनी विश्वसनीयता सिद्ध की है।

आतंकवाद पर भारत की नीति: प्रधानमंत्री ने कहा कि बहावलपुर और मुरीदके जैसे ठिकाने ग्लोबल टेररिज्म की यूनिवर्सिटीज बन चुके हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने इन पर हमला करके न सिर्फ आतंक को खत्म किया बल्कि दुनिया को स्पष्ट संदेश भी दिया। भारत के हमलों से पाकिस्तान हताश हो गया और बदले में भारत के गुरुद्वारों, घरों, मंदिरों और स्कूलों को निशाना बनाया, लेकिन भारतीय रक्षा प्रणाली ने हर हमले को नाकाम किया।

सीजफायर की पृष्ठभूमि: प्रधानमंत्री ने खुलासा किया कि पाकिस्तान ने बुरी तरह पिटने के बाद 10 मई को भारत से संपर्क किया और सीजफायर की गुहार लगाई। भारत ने तब तक आतंकी ढांचे को तबाह कर दिया था। उन्होंने दोहराया कि सीजफायर स्थगन है, खत्म नहीं। भारत सतर्क है और हर स्थिति के लिए तैयार है।

सिंधु जल समझौता और POK:PM मोदी ने दो टूक कहा कि “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते”। भारत का स्पष्ट मत है कि टेरर और टॉक या टेरर और ट्रेड एकसाथ नहीं चल सकते। यदि पाकिस्तान से कोई वार्ता होगी तो वह केवल आतंकवाद और POK पर ही होगी।

बुद्ध पूर्णिमा और संदेश: अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति की राह शक्ति से होकर जाती है। शांति और समृद्धि के लिए एक सशक्त भारत आवश्यक है और बीते दिनों भारत ने यही सशक्तता दिखाई है। उन्होंने भारतीय सेनाओं को सलामी दी और कहा कि भारत की सैन्य क्षमता अब वैश्विक स्तर पर प्रमाणित हो चुकी है।