➤ पीएम मोदी सितंबर में अमेरिका दौरे पर जाएंगे, यूएनजीए में देंगे भाषण
➤ ट्रंप संग द्विपक्षीय बैठक में टैरिफ वॉर और ट्रेड डील पर चर्चा होगी
➤ दौरा भारत की आर्थिक रणनीति और वैश्विक छवि के लिहाज से अहम
भारत और अमेरिका के बीच जारी टैरिफ विवाद और ट्रेड डील को लेकर चल रही बातचीत के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगामी अमेरिका दौरा कूटनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। यह दौरा मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भाग लेने के लिए निर्धारित है, लेकिन इसके दौरान होने वाली मुलाकातें और वार्ताएं इसे खास महत्व देती हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी सितंबर 2025 के आखिरी सप्ताह में अमेरिका जाएंगे। उनका यूएनजीए भाषण 26 सितंबर की सुबह तय किया गया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 23 सितंबर को संबोधित करेंगे। इस यात्रा के दौरान मोदी और ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी, जिसमें टैरिफ वॉर, व्यापार संतुलन, निवेश, रक्षा सहयोग और भू-राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
पिछले कुछ महीनों में भारत-अमेरिका संबंध टैरिफ को लेकर तनावपूर्ण रहे हैं। अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जिसमें 25% लागू हो चुका है और बाकी जल्द लागू होना है। भारत ने इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए इसे अनुचित बताया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई कीमत क्यों न चुकानी पड़े।
दौरे के दौरान यूएनजीए में मोदी का भाषण भी चर्चा का केंद्र रहेगा। उम्मीद है कि वे जलवायु परिवर्तन, वैश्विक व्यापार संतुलन, आतंकवाद और संयुक्त राष्ट्र सुधार जैसे मुद्दों पर भारत का रुख दुनिया के सामने रखेंगे। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस दौरे से भारत की विदेश नीति को मजबूती मिलेगी और किसी संभावित ट्रेड डील की स्थिति में भारत-अमेरिका संबंधों में नया मोड़ आ सकता है



