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हिमाचल में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों पर फिर पूर्ण रोक

हिमाचल सरकार ने अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों पर फिर पूर्ण प्रतिबंध लगाया
पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों के चलते मुख्य सचिव ने जारी किए सख्त आदेश
विशेष परिस्थितियों में केवल राज्य चुनाव आयोग की अनुमति से ही तबादला संभव



शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक बार फिर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। मुख्य सचिव Sanjay Gupta की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा स्थानीय निकाय चुनावों के लिए हाल ही में अधिसूचना और आचार प्रक्रिया संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके मद्देनज़र यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों को इन आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। आदेशों में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि किसी स्तर पर इन निर्देशों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कार्मिक विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, चुनाव संबंधी गतिविधियों के दौरान तबादलों से प्रशासनिक और चुनावी कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसी कारण राज्य सरकार ने फिलहाल सभी सामान्य तबादलों पर रोक लगा दी है।

हालांकि आदेश में यह भी कहा गया है कि विशेष और अपरिहार्य परिस्थितियों में कुछ मामलों में तबादलों की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए राज्य चुनाव आयोग की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी। कार्यालय प्रमुखों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि बिना अनुमति किसी भी कर्मचारी को कार्यमुक्त न किया जाए, अन्यथा उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।

गौरतलब है कि सरकार ने 13 जनवरी 2026 को क्लास C और D कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक को 31 मार्च 2026 तक अस्थायी रूप से हटाया था। उस समय शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग के शिक्षण कैडर को इससे अलग रखा गया था। लेकिन अब चुनावी परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने फिर से पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है।

इसी बीच हिमाचल हाईकोर्ट ने भी चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के तबादलों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण नहीं किया जा सकता। हाल ही में एक मामले में अदालत ने 31 मार्च के तबादला आदेश को चुनाव ड्यूटी समाप्त होने तक प्रभावी न करने के निर्देश दिए थे।

यह फैसला प्रदेश में चल रही चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है।