➤ हिमाचल में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, आम जनता पर महंगाई की नई मार
➤ शिमला में पेट्रोल ₹99.27 और डीजल ₹91.26 प्रति लीटर पहुंचा
➤ सेब सीजन से पहले बढ़ी चिंता, ढुलाई और मालभाड़ा होगा महंगा
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी होने से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है। देशभर में तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। इसके बाद राजधानी शिमला में पेट्रोल की कीमत 99.27 रुपए प्रति लीटर और डीजल 91.26 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी पेट्रोल और डीजल के दाम तेजी से बढ़े हैं। हमीरपुर के सुजानपुर में पेट्रोल 98.27 रुपए और डीजल 88.66 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। लुहरी में पेट्रोल 99.14 रुपए और डीजल 91.09 रुपए पहुंच गया है। मंडी में पेट्रोल 98.73 रुपए और डीजल 90.51 रुपए प्रति लीटर हो चुका है, जबकि ऊना में पेट्रोल 96.93 रुपए और डीजल 88.91 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ने वाला है। परिवहन खर्च बढ़ने से बस किराए और मालभाड़े में इजाफा होना तय माना जा रहा है। इसका असर खाद्य वस्तुओं, सब्जियों और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी दिखाई देगा। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई का दबाव और तेज होगा।

प्रदेश में अगले महीने से सेब सीजन शुरू होने जा रहा है। ऐसे समय में डीजल महंगा होने से सेब बागवानों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सेब की ढुलाई और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने का सीधा असर बागवानों की आय पर पड़ेगा। पहले ही बद्दी की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन चार दिन पहले मालभाड़ा बढ़ा चुकी है। ऐसे में आने वाले समय में ट्रांसपोर्ट लागत और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
इस बीच आर्थिक संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त सेस लगाने की तैयारी में भी है। कांग्रेस सरकार विधानसभा के बजट सत्र में इसके लिए संशोधन विधेयक पहले ही पास कर चुकी है। सरकार अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर तक अनाथ एवं विधवा सेस लगाने का प्रावधान कर चुकी है। सरकार का तर्क है कि इससे मिलने वाली राशि का इस्तेमाल अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए किया जाएगा।
हालांकि विपक्ष और आम जनता इसे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ मान रही है। यदि सरकार यह सेस लागू करती है तो हिमाचल में पेट्रोल और डीजल के दाम और अधिक बढ़ जाएंगे। ऐसे में पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर दोहरी चोट पड़ सकती है।



