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धर्मशाला में पिता की हत्या के दोषी बेटे को उम्रकैद, शाहपुर हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला

पिता की हत्या के दोषी बेटे को अदालत ने सुनाई उम्रकैद की सजा

आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया

शाहपुर में कुल्हाड़ी जैसे हथियार से पिता पर किया था जानलेवा हमला


धर्मशाला स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने पिता की हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला कांगड़ा जिले के शाहपुर क्षेत्र का है, जहां पारिवारिक विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया था।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की न्यायाधीश शीतल शर्मा ने पुलिस थाना शाहपुर में दर्ज हत्या के मामले की सुनवाई के बाद आरोपी सुनील कुमार को दोषी करार दिया। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार 22 जून 2021 को गांव मच्छयाल तहसील शाहपुर निवासी कुशलता देवी ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनका बेटा घर में झगड़ा कर रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक वह अपने पति खुशहाल सिंह के कमरे के बाहर थीं, तभी अंदर से शोर सुनाई दिया। जब उन्होंने कमरे के अंदर जाकर देखा तो उनका बेटा सुनील कुमार हाथ में कुल्हाड़ी जैसा लोहे का हथियार लिए खड़ा था, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हालत में चारपाई पर पड़े थे।

घटना के बाद महिला ने तुरंत कमरे की बाहर से कुंडी लगाई और ग्रामीणों व पुलिस को सूचना दी। घायल खुशहाल सिंह को उपचार के लिए सिविल अस्पताल शाहपुर पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 25 गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और वैज्ञानिक प्रमाण अदालत में पेश किए। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

मामले की पैरवी राज्य की ओर से उप जिला न्यायवादी विवेक डोगरा ने की। अदालत के इस फैसले को गंभीर अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।