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हिमाचल में जिप-BDC और नगर निगम की कल मतगणना

जिला परिषद, बीडीसी और चार नगर निगमों की मतगणना रविवार सुबह 9 बजे से शुरू होगी

नगर निगम चुनावों के नतीजे दोपहर तक आने की संभावना, जिला परिषद परिणामों में लग सकता है अधिक समय

नगर निगम चुनावों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है


हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के तहत जिला परिषद (ZP), ब्लॉक विकास समिति (BDC) और चार नगर निगमों के चुनाव परिणाम रविवार को सामने आने शुरू हो जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और रविवार सुबह 9 बजे से मतों की गिनती शुरू होगी।

राज्य के सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगमों के लिए डाले गए मतों की गिनती सबसे पहले पूरी होने की संभावना है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार नगर निगम चुनावों के अधिकांश परिणाम दोपहर 12 बजे तक स्पष्ट हो जाएंगे। वहीं जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के चुनाव परिणाम आने में अधिक समय लग सकता है और कुछ स्थानों पर मतगणना एक जून तक भी जारी रह सकती है।

प्रदेश में इस बार 251 जिला परिषद सदस्य, 1769 बीडीसी सदस्य और चार नगर निगमों के लिए लगभग 64 पार्षदों का चुनाव हुआ है। जिला परिषद और बीडीसी चुनावों की मतगणना संबंधित विकास खंड कार्यालयों में की जाएगी। जिला परिषद सदस्यों के विजेताओं की आधिकारिक घोषणा उपायुक्त (डीसी) करेंगे, जबकि बीडीसी सदस्यों के परिणाम संबंधित उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम) द्वारा घोषित किए जाएंगे।

राज्य के 91 विकास खंडों में मतगणना के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। जिला परिषद वार्डों की मतगणना के लिए प्रत्येक वार्ड में 15 से 20 टेबल तक लगाई जाएंगी। एक वार्ड की मतगणना के लिए लगभग 35 अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। यदि किसी वार्ड में मतों की संख्या अधिक होती है तो टेबलों और कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।

बीडीसी चुनावों की मतगणना सामान्य रूप से तीन चरणों में पूरी करने की योजना बनाई गई है। हालांकि मतों की संख्या और परिस्थितियों के अनुसार मतगणना के राउंड बढ़ाए या घटाए जा सकते हैं।

इस बार सबसे अधिक नजरें चार नगर निगम चुनावों के परिणामों पर टिकी हुई हैं। चूंकि नगर निगम चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर लड़े जाते हैं, इसलिए इन्हें वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले का महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेतक माना जा रहा है। सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के लिए ये परिणाम राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माने जा रहे हैं।

निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव संपन्न कराने वाली पोलिंग पार्टियों को मतगणना कार्य में शामिल नहीं किया जाएगा। मतगणना के लिए अलग से कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि चुनाव ड्यूटी से लौटे कर्मचारियों को राहत मिल सके और गिनती की प्रक्रिया भी बिना किसी व्यवधान के पूरी हो सके।

रविवार को आने वाले परिणाम प्रदेश की राजनीतिक दिशा और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के जनमत की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट कर देंगे। खासकर नगर निगम चुनावों के नतीजों पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजरें टिकी हुई हैं।