- 6 जून तक हिमाचल के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश की संभावना
- 3 जून से मौसम की गतिविधियां तेज होंगी, कई जिलों में तेज हवाएं चलेंगी
- ओलावृष्टि, बिजली गिरने और फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ा
हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर हो रही बारिश का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। भारत मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) शिमला के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में 1 जून से 6 जून तक मौसम खराब बना रह सकता है और अधिकांश जिलों में बारिश दर्ज होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 3 जून से प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अधिक सक्रिय हो सकता है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि निचले और मैदानी इलाकों में भी वर्षा गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सिरमौर और सोलन जिलों में 3, 5 और 6 जून को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि 31 मई को शिमला, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का यलो अलर्ट जारी किया गया था। हालांकि 1 और 2 जून के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन 3 जून से मौसम फिर से बिगड़ सकता है।
बारिश और तेज हवाओं का असर आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में दृश्यता कम होने, सड़कों पर फिसलन बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।
बागवानों और किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार तेज हवाएं और ओलावृष्टि सेब, प्लम, आड़ू, खुबानी जैसे गुठलीदार फलों तथा मौसमी सब्जियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में किसानों और बागवानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।



