➤ 545 करोड़ की लागत से बना 19 किलोमीटर लंबा हाईवे अंतिम सुरक्षा परीक्षण में
➤ मंडी से पधर की दूरी होगी कम, एक घंटे का सफर अब करीब 25 मिनट में पूरा होगा
➤ एनएचएआई की मंजूरी मिलते ही वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा नया राष्ट्रीय राजमार्ग
हिमाचल प्रदेश के मंडी और पधर के बीच बन रहा 545 करोड़ रुपये का आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका है। सामरिक, पर्यटन और यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस 19 किलोमीटर लंबे हाईवे का निर्माण निर्धारित समय से करीब पांच महीने पहले अंतिम चरण में पहुंच गया है। फिलहाल पूरे मार्ग का तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से अंतिम मंजूरी मिलते ही इस हाईवे को आम वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। केवल एक पुल पर अंतिम स्लैब डालने का काम जारी है। इसके साथ ही पूरे हाईवे का विस्तृत तकनीकी और सुरक्षा निरीक्षण किया जा रहा है। यदि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो उसे दूर करने के बाद ही सड़क को यातायात के लिए खोला जाएगा।
यह परियोजना पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग का अहम हिस्सा है। मंडी से पधर तक के 19 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण एनएचएआई मंडी इकाई ने कराया है, जबकि पधर से पठानकोट तक के शेष हिस्से का निर्माण पालमपुर इकाई की ओर से किया जा रहा है। उस खंड में अभी कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है।
नए हाईवे के शुरू होने से मंडी और पधर के बीच यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो जाएगी। वर्तमान में दोनों स्थानों के बीच लगभग 23 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि नए मार्ग के शुरू होने के बाद यह दूरी घटकर 19 किलोमीटर रह जाएगी। सबसे बड़ा लाभ यात्रा समय में मिलेगा। अभी जहां इस मार्ग पर यात्रा में लगभग एक घंटा लगता है, वहीं नया हाईवे खुलने के बाद यही सफर करीब 25 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
करीब 12 मीटर चौड़े इस आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्ग पर 24 छोटे-बड़े पुल बनाए गए हैं, जिनमें पांच बड़े पुल शामिल हैं। सड़क को इस तरह विकसित किया गया है कि बरसात के मौसम में भी यह पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित रहे। चौड़ी सड़क, बेहतर इंजीनियरिंग और कम घुमावदार मोड़ों के कारण वाहन चालकों को सुगम और सुरक्षित सफर का अनुभव मिलेगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक वरुण चारी ने बताया कि सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूरे मार्ग की जांच की जा रही है। एक पुल का अंतिम कार्य अगले 10 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद एनएचएआई की स्वीकृति मिलते ही हाईवे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
नई सड़क शुरू होने से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही मंडी, पधर और कांगड़ा क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सामरिक दृष्टि से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे सेना की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम हो सकेगी।



