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हिमाचल में मूसलाधार बारिश का कहर, सोलन-सिरमौर के स्कूल बंद; शिमला में भूस्खलन से गाड़ियां क्षतिग्रस्त

भारी बारिश के चलते सोलन और सिरमौर के सभी स्कूल-कॉलेज आज बंद
शिमला में लैंडस्लाइड से दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त, फोरलेन पर गिरी चट्टानें
IMD का अलर्ट, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह


शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटे से जारी तेज बारिश के बीच सोलन और सिरमौर जिलों में एहतियात के तौर पर शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा, जबकि टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ को नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा।

शिमला के विकासनगर में लैंडस्लाइड से दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त।

सिरमौर के कालाअंब में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों और बाजारों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं शिमला जिले में गुरुवार रात से लगातार बारिश जारी है। राजधानी के विकासनगर क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

बारिश का असर चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर भी देखने को मिला। कंडाघाट और वाकनाघाट के बीच पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। एक बड़ी चट्टान दूसरी लेन तक पहुंच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि उस समय कोई वाहन उसकी चपेट में नहीं आया। यातायात सावधानी के साथ जारी है।

कालाअंब शहर में तेज बारिश के बाद जल भराव।

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शिमला और सिरमौर में बहुत भारी बारिश, सोलन में मध्यम से तेज बारिश तथा कुल्लू, मंडी, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में सामान्य बारिश का ताजा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों से दूर रहने की अपील की है।

हालांकि मौसम विभाग के अनुसार 11 जुलाई से मानसून कुछ कमजोर पड़ने की संभावना है। 11 से 17 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 18 से 24 जुलाई के बीच मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है और कई क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

सोलन के कुनिहार में जड़ से उखड़ा पेड़ सड़क पर गिरा।

प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक 6 भूस्खलन और 4 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू में बादल फटने की घटनाओं के कारण व्यापक नुकसान हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 250 से अधिक सड़कें और 200 से ज्यादा बिजली ट्रांसफॉर्मर प्रभावित बताए जा रहे हैं, जिससे कई क्षेत्रों में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।