➤ हिमाचल में इस बार 2.18 करोड़ सेब पेटियों के उत्पादन का अनुमान
➤ मौसम की मार से पिछले साल के मुकाबले उत्पादन में बड़ी गिरावट की आशंका
➤ बागवानों को 2500 करोड़ रुपये तक के नुकसान की आशंका, अंतिम आकलन 10 से 15 दिन में
शिमला। हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष सेब सीजन कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। राज्य बागवानी विभाग के प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रदेश में इस बार करीब 2.18 करोड़ सेब पेटियों यानी लगभग 4.38 लाख मीट्रिक टन उत्पादन होने का अनुमान है। पिछले वर्ष 2025 में प्रदेश में 3.04 करोड़ पेटियों (करीब 6.99 लाख मीट्रिक टन) का उत्पादन हुआ था। ऐसे में इस बार उत्पादन में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
बागवानी विभाग का मानना है कि फ्रूट सेटिंग के दौरान मौसम अनुकूल नहीं रहने से फल बनने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसके अलावा सर्दियों में पर्याप्त चिलिंग आवर्स नहीं मिलना, कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने भी सेब की फसल को नुकसान पहुंचाया है।
हिमाचल की अर्थव्यवस्था में सेब की अहम भूमिका है और लाखों परिवार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस कारोबार पर निर्भर हैं। उत्पादन में कमी का असर केवल बागवानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पैकेजिंग, परिवहन, मजदूरी, आढ़त और अन्य संबंधित कारोबार भी प्रभावित होंगे। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार बागवानों को करीब 2500 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।
फल, फूल एवं सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान का कहना है कि विभाग का 2.18 करोड़ पेटियों का अनुमान शुरुआती है। उनके अनुसार वास्तविक उत्पादन 1.50 करोड़ से 1.80 करोड़ पेटियों के बीच रह सकता है। उन्होंने बताया कि निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में फसल सबसे अधिक प्रभावित हुई है, जबकि ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि अभी अंतिम आकलन करना जल्दबाजी होगी। जून ड्रॉपिंग और प्राकृतिक रूप से फल गिरने की प्रक्रिया अभी जारी है। अगले 10 से 15 दिनों में वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद उत्पादन का अंतिम अनुमान जारी किया जाएगा।
बागवानी विभाग के निदेशक डॉ. सतीश शर्मा ने कहा कि फ्रूट सेटिंग के दौरान प्रतिकूल मौसम, कम चिलिंग आवर्स, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण इस बार सेब उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में कम रहने का अनुमान है।
पिछले वर्षों का सेब उत्पादन
- 2020: 2.40 करोड़ पेटियां
- 2021: 3.05 करोड़ पेटियां
- 2022: 3.36 करोड़ पेटियां
- 2023: 2.11 करोड़ पेटियां
- 2024: 2.51 करोड़ पेटियां
- 2025: 3.04 करोड़ पेटियां
- 2026 (अनुमान): 2.18 करोड़ पेटियां



