➤ चंबा जिले का भलेई माता मंदिर हिमाचल के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है
➤ माता की प्रतिमा पर पसीना आने की मान्यता को भक्त शुभ संकेत और कृपा का प्रतीक मानते हैं
➤ नवरात्रों में हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता भलेई का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित भलेई माता मंदिर आस्था, श्रद्धा और रहस्य का अद्भुत संगम माना जाता है। समुद्र तल से लगभग 3800 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह प्राचीन मंदिर मां भद्रकाली को समर्पित है। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु यहां माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वर्षों से यह मंदिर एक अनोखी धार्मिक मान्यता के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
भलेई माता मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित मान्यता माता की प्रतिमा पर पसीना आने को लेकर है। मंदिर में स्थापित काले पत्थर की प्रतिमा पर समय-समय पर नमी या पसीने जैसी बूंदें दिखाई देने की बात कही जाती है। स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों का मानना है कि यह माता की प्रसन्नता का संकेत होता है। धार्मिक विश्वास के अनुसार जब प्रतिमा पर पसीना दिखाई देता है तो इसे भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होने और क्षेत्र में शुभ घटनाओं का संकेत माना जाता है। हालांकि यह पूरी तरह श्रद्धा और आस्था का विषय है।
मंदिर के इतिहास की बात करें तो लोक मान्यताओं के अनुसार वर्ष 1569 में तत्कालीन राजा प्रताप सिंह को मां भलेई ने स्वप्न में दर्शन दिए थे। माता ने राजा को बताया कि उनकी प्रतिमा भलेई गांव के निकट एक बावड़ी में स्थित है। इसके बाद राजा वहां पहुंचे और प्रतिमा को प्राप्त कर चंबा ले जाने लगे। कहा जाता है कि यात्रा के दौरान जब राजा भलेई गांव के पास विश्राम कर रहे थे, तब माता ने पुनः स्वप्न में दर्शन देकर इसी स्थान पर स्थापित होने की इच्छा व्यक्त की। इसके बाद राजा ने वहीं मंदिर का निर्माण करवाकर माता की प्रतिमा स्थापित करवाई।
भक्त मां भलेई को “जागती ज्योति” के नाम से भी जानते हैं। मान्यता है कि माता अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और भक्ति से प्रसन्न होकर उनकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। यही कारण है कि हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
नवरात्रों के दौरान मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। इन दिनों मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है। श्रद्धालु घंटों कतारों में लगकर माता के दर्शन करते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
भलेई माता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह मंदिर श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।



